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Hindi News भारत राष्ट्रीय पीएम मोदी की ड्रोन या टेलीस्‍कोपिक गन से हत्‍या हो सकती थी, साजिश रची गई- गिरिराज सिंह

पीएम मोदी की ड्रोन या टेलीस्‍कोपिक गन से हत्‍या हो सकती थी, साजिश रची गई- गिरिराज सिंह

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने एक वीडियो शेयर करते हुए यह भी कहा कि, ' वीडियो देखकर साजिश का अंदाजा लगाया जा सकता है कि कैसे फ्लाईओवर के प्रधानमंत्री को रोका गया। जाँच सही से हो और कोई साजिशकर्ता बच नहीं पायें।'

पीएम मोदी की ड्रोन या टेलीस्‍कोपिक गन से हत्‍या हो सकती थी, साजिश रची गई- गिरिराज सिंह- India TV Hindi Image Source : TWITTER/@GIRIRAJSINGHBJP पीएम मोदी की ड्रोन या टेलीस्‍कोपिक गन से हत्‍या हो सकती थी, साजिश रची गई- गिरिराज सिंह

Highlights

  • महादेव की कृपा से बच गए प्रधानमंत्री- गिरिराज सिंह
  • 'सही जांच हुई तो पंजाब सीएम से ऊपर जुड़ेंगे तार'
  • सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जाएं- सुप्रीम कोर्ट

Giriraj Singh on PM Modi Security Breach: पंजाब में बीते बुधवार को पीएम की सुरक्षा में चूक को लेकर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने शुक्रवार को बड़ा बयान दिया है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने आशंका जताई कि पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्‍या भी हो सकती थी। गिरिराज सिंह ने कहा कि ड्रोन या टेलीस्कोपिक गन से पीएम की हत्या हो सकती थी। गिरिराज सिंह ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी महादेव की कृपा से बच गए। अगर ड्रोन से हमला होता तो क्या होता? पीएम को पीछे से घरेने के लिए एनाउंस किया जा रहा था।  

ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने ट्वीट कर कहा, 'पीएम को मौत के कुएं में फंसाना कोई इत्तेफाक नहीं यह साजिश थी..महादेव की कृपा से बच गए। इसकी उच्चस्तरीय सही जांच होगी तो यह साज़िश पंजाब के सीएम ऑफिस तक ही बल्कि उनके तार ऊपर तक जुड़ेंग़े। ऐसा प्रतीत होता है की उनकी हत्या ड्रोन या टेलीस्कोपिक गन से भी हो सकती थी।'

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने एक वीडियो शेयर करते हुए यह भी कहा कि, ' वीडियो देखकर साजिश का अंदाजा लगाया जा सकता है कि कैसे फ्लाईओवर के प्रधानमंत्री को रोका गया। जाँच सही से हो और कोई साजिशकर्ता बच नहीं पायें।'

पीएम मोदी सूरक्षा चूक: केंद्र की जांच समिति फिरोजपुर पहुंची, पंजाब सरकार ने सौंपी रिपोर्ट 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे पर हुई सुरक्षा में ‘‘गंभीर चूक’’ की जांच कर रहा केंद्र का एक दल शुक्रवार को फिरोजपुर पहुंचा, जबकि राज्य की ओर से केंद्र को सौंपी गई एक रिपोर्ट में कहा गया है कि घटना के सिलसिले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। सूत्रों ने बताया कि केंद्र की तीन सदस्यीय समिति प्रधानमंत्री के पांच जनवरी के दौरे के घटनाक्रम के बारे में पूरी जानकारी हासिल कर रही है। यह दल पहले फिरोजपुर के पास प्यारेयाना फ्लाईओवर पहुंचा और पंजाब पुलिस तथा प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत की। समिति का नेतृत्व कैबिनेट सचिवालय के सचिव (सुरक्षा) सुधीर कुमार सक्सेना कर रहे हैं और इसमें खुफिया ब्यूरो के संयुक्त निदेशक बलबीर सिंह और विशेष सुरक्षा समूह के आईजी एस सुरेश शामिल हैं। केंद्र ने समिति को जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने को कहा है। 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जाएं

इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के महापंजीयक को प्रधानमंत्री के पंजाब दौरे के लिए की गई सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित सभी रिकॉर्ड संरक्षित करने का निर्देश दिया है। उच्चतम न्यायालय ने पंजाब, उसकी पुलिस तथा केन्द्रीय एजेंसियों को सभी रिकॉर्ड उच्च न्यायालय के अधिकारी को देने का निर्देश दिया। उच्चतम न्यायालय ने खामियों की जांच के लिए केन्द्र और पंजाब सरकार द्वारा गठित अलग-अलग समितियों को सोमवार तक कोई कार्रवाई ना करने को कहा है। मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना और न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, 'हम पंजाब, पुलिस अधिकारियों, एसपीजी, केंद्रीय और राज्य एजेंसियों को सहयोग करने और पूरे रिकॉर्ड को सील करने के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करने का निर्देश देते हैं।'

जानिए क्या है पूरा मामला

बता दें, चुनावी राज्य पंजाब के दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 जनवरी, 2022 को निकले थे। इसके बाद मौसम के कारण उन्हें सड़क मार्ग से निकलना पड़ा। इसी बीच जब पीएम का काफिला फिरोजपुर पहुंचा था तब कुछ प्रदर्शनकारियों ने उस सड़क मार्ग को जाम कर रखा था। इस कारण प्रधानमंत्री एक फ्लाईओवर पर करीब 20 मिनट तक फंसे रहे। घटना के बाद प्रधानमंत्री बिना रैली किए दिल्ली लौट गए थे।

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