Rajat Sharma's Blog | मासूम बच्चों को गेमिंग की लत से बचाएं
वैज्ञानिक तौर पर ये सिद्ध हो चुका है कि गेम्स की लत लग जाने का दिमाग पर बुरा असर होता है। MRI स्कैन्स में पाया गया कि वीडियो गेम्स की लत का असर वैसा ही होता है जैसे ड्रग्स या शराब की लत का।

गाजियाबाद से दिल दहला देने वाली खबर आई। मोबाइल फोन की लत के कारण ऑनलाइन गेमिंग के चक्कर में तीन बहनों ने आत्महत्या कर ली। तीनों बहनें नाबालिग थीं। सबसे बड़ी बहन निशिका 16 साल की थी, उसकी छोटी बहनें पाखी 14 साल और प्राची सिर्फ 12 साल की थीं। मंगलवार की रात तीनों बहनें अपार्टमेंट की नौवीं मंजिल से कूद गईं। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला जिस पर लिखा हुआ था, सॉरी पापा। घर के फर्श पर फैमिली के ढेर सारे फोटो बिखरे मिले। फ्लैट की दीवारों पर कुछ बातें लिखी मिलीं, जिन्हें काटा हुआ था।
इन बच्चियों के पिता चेतन कुमार का कहना है कि वो पिछले दो ढाई साल से कोरियन लव गेम खेल रहीं थीं। इस गेम में अलग-अलग टास्क दिए जाते थे। एक बच्ची सबकी सीनियर बनी थी, दूसरी बहनें उसका आदेश मानती थी। उसके आदेश पर सारे काम करती। मां-बाप को लगा कि बच्चे नॉर्मल गेम खेल रहे हैं। वो नहीं जानते थे कि इस गेम में ऐसे खतरनाक टास्क दिए जाएंगे जो उनकी जान ले लेंगे। लेकिन पुलिस और लड़कियों के पिता का कहना है कि तीनों बहनों पर कोरियन संस्कृति का काफी असर था, वे कोरियन संगीत सुनती थी, मोबाइल एडिक्ट भी थीं। कुछ दिन पहले पिता ने उनसे मोबाइल फोन छीन लिया था, इससे बच्चियां नाराज थीं।
घटना के चश्मदीद गवाहों ने बताया कि तीनों बच्चियां एक साथ आत्महत्या नहीं करना चाहती थी। शुरु में एक लड़की ने रेलिंग से नीचे कूदने की कोशिश की। उसे दो बहनों ने एक बार बचा लिया, कूदने से रोक लिया। तीनों कमरे के अंदर गईं। इसके कुछ ही मिनट बाद तीनों बाहर आई। फिर से एक बहन ने नीचे कूदने की कोशिश की, बाकी दो बहनों ने उसे रोकने की कोशिश की, और तीनों नीचे गिर गईं।
तीन बच्चियों ने आत्यहत्या क्यों की? उन पर कोई दबाव था, डिप्रेशन था? इसे लेकर अब अलग-अलग तरह की बातें कही जा रही है। सोसायटी के लोगों का कहना है कि बच्चियां कोरियन कल्चर के साथ-साथ K-POP, कोरियन म्यूजिक, कोरियन फिल्में, कोरियन शॉर्ट फिल्म्स, कोरियन शोज़ और कोरियन सीरीज़ देखती थीं। उन्हें वर्चुअल लाइफ असली लगती थी। स्कूल और कोचिंग्स में वो अपना नाम भी कोरियन ही बताती थीं। जांच में ये भी बात सामने आई है कि तीनों लड़कियां सगी बहनें नहीं थी।
बच्चियों के पिता ने तीन शादियों कीं, दो पत्नियों से कुल पांच बच्चे हैं। जिन लड़कियों ने आत्महत्या की, उनमे पहली पत्नी की एक बेटी और दूसरी पत्नी की दो बेटियां हैं। सोसायटी के लोगों का कहना है कि पूरे परिवार का आचरण सामान्य नहीं था। ये लोग किसी से घुलते मिलते नहीं थे। सोसायटी के प्रोग्राम्स में भी शामिल नहीं होते थे।
वैज्ञानिक तौर पर ये सिद्ध हो चुका है कि गेम्स की लत लग जाने का दिमाग पर बुरा असर होता है। MRI स्कैन्स में पाया गया कि वीडियो गेम्स की लत का असर वैसा ही होता है जैसे ड्रग्स या शराब की लत का। इन मासूम बच्चियों की मौत जिस गेम की वजह से हुई, उसमें बच्चों को लव गेम में फंसाया जाता है, टास्क दिए जाते हैं और जब टास्क पूरे नहीं हो पाते तो घबराकर आत्महत्या की तरफ बढ़ते हैं। बच्चों को कोरियन संस्कृति में ढालने का प्रयास भी होता है। इसका असर इतना गहरा होता है कि बच्चे अपने आप को कोरियन मानने लगते हैं।
चीन में इस तरह की गेमिंग की लत छुड़ाने के लिए गेम detox सेंटर्स बनाए गए हैं। गेम की लत से बच्चों को बचाने के लिए 22 दिन का एक कोर्स शुरू किया गया है। हमारे यहां भी मां-बाप और बच्चों, दोनों में इस तरह की गेमिंग के प्रति जागरूकता पैदा करने की जरूरत है जो स्कूली जीवन से शुरू होनी चाहिए। (रजत शर्मा)
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