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Hindi News भारत राष्ट्रीय Rajat Sharma's Blog | ईरान अमेरिका से कब तक लड़ पायेगा?

Rajat Sharma's Blog | ईरान अमेरिका से कब तक लड़ पायेगा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ने ईरान के मिसाइल अटैक और डिफेंस सिस्टम को तबाह कर दिया है और ईरान के सारे युद्धपोत डुबो दिए गए हैं। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के नेता अमेरिका से बात करना चाहते हैं लेकिन अब बहुत देर हो चुकी है।

Rajat Sharma Blog, Rajat Sharma Blog Latest, Rajat Sharma- India TV Hindi Image Source : INDIA TV इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा।

ईरान के खिलाफ अमेरिका की जंग का असर अब दुनिया पर दिखने लगा है। जंग का आज पांचवां दिन है और जंग में तेजी आ गई है। बुधवार को ईरान ने दावा किया कि पूरे Strait of Hormuz पर ईरानी नौसेना का कब्ज़ा है और किसी भी जहाज को वहां से गुजरने नहीं दिया जाएगा। ईरान ने ये भी दावा किया है कि उसने 40 से ज्यादा मिसाइलें इज़राइल के कई ठिकानों और खाड़ी के देशों की तरफ दागी। इधर, इज़राइल ने दक्षिण लेबनान में 16 से ज्यादा गांवों और कस्बों के लोगों को अपने घर थोड़ कर भाग जाने को कहा है। बेरूत के पास इज़राइली सेना ने एक होटल को तबाह कर दिया। लेबनान में 50 से ज्यादा लोग मारे गये हैं और 335 लोग जख्मी हैं।

अमेरिका में तेल और गैस के दाम पचास प्रतिशत तक बढ़ गए, जबकि यूरोप में कच्चे तेल की कीमत 40 प्रतिशत तक बढ़ गईं। liquefied natural gas के दामों में भी करीब 33 प्रतिशत का उछाल आया। अन्तरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें पिछले 20 महीनों में सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गईं।

उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ने ईरान के मिसाइल अटैक और डिफेंस सिस्टम को तबाह कर दिया है और ईरान के सारे युद्धपोत डुबो दिए गए हैं। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के नेता अमेरिका से बात करना चाहते हैं लेकिन अब बहुत देर हो चुकी है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अपने लक्ष्य हासिल करने के बाद ही रुकेगा, इसलिए ये जंग चार से पांच हफ्ते तक चल सकती है।

ईरान पर हुए चौतरफा हमलों में अमेरिकी मिसाइल्स, अटैक ड्रोन्स और फाइटर जेट्स ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल लॉन्च फैसिलिटीज, ड्रोन लॉन्च सेंटर्स, मिलिट्री बेस और कमांड-कंट्रोल सेंटर्स में तबाही मचा दी। अमेरिका ने ईरान की राजधानी तेहरान से लेकर, इस्फ़हान, बुशहर, नतांज, शिराज और तबरिज शहरों में बड़े पैमाने पर बमबारी की, मिसाइल से हमले किये। तेहरान में राष्ट्रपति के महल पर बमबारी की।

ईरान के बड़े धार्मिक शहर क़ुम में उस वक्त हमला हुआ, जब वहां नया सुप्रीम लीडर चुनने के लिए शूरा की मीटिंग होने वाली थी। अमेरिका ने ईरान पर हमले के लिए बेहद घातक B-1 बॉम्बर्स, F-18 फाइटर जेट्स और रीपर ड्रोन्स का इस्तेमाल किया। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने बताया कि ईरान की मिलिट्री साइट्स पर हमले के लिए B-2 स्टेल्थ बॉम्बर्स, लुकास ड्रोन, F-15, F-16, F-18, F-22 और F-35 जेट्स का भी इस्तेमाल किया गया है। ईरान की सेना पर नज़र रखने के लिए अमेरिका अपने P8I ओरियन विमान, EA-15G अवाक्स विमान का भी इस्तेमाल कर रहा है।

ट्रंप ने कहा है कि ईरान को एटम बम बनाने से रोकने का यही एक तरीका था इसीलिए उन्होंने ईरान पर हमले का आदेश दिया। इस बार की लड़ाई में ईरान कम दूरी वाली मिसाइल और ड्रोन्स से हमले कर रहा है। इजराइल पर उसने ज्यादातर हमले मिसाइल्स के जरिए किए लेकिन इजराइल का एयर डिफेन्स सिस्टम मजबूत है। ज्यादातर मिसाइलों को उसने रोक लिया। इसके बावजूद तेल अवीव में भारी तबाही देखने को मिली है।

इस बार ईरान का फोकस अमेरिका के मित्र देशों  पर है। खाड़ी में जहां-जहां अमेरिकियों के होने का अंदेशा है, चाहे सिविलियन हों या सैनिक ठिकाने, दोनों पर ड्रोन्स से हमले किए गए हैं। ईरान की रणनीति ये है कि शुरुआती दौर में ही तेज हमले किए जाएं ताकि खाड़ी के मित्र देश अमेरिका और इजराइल को जंग रोकने के लिए मजबूर करें। अमेरिका ने इस बार ईरान के खिलाफ जंग में इज़राइल को आगे रखा।

पहला हमला इज़राइल ने ही किया और इज़राइल की सबसे बड़ी सफलता ये है कि उसने ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई का खात्मा कर दिया। ख़ामेनेई को मारने का फैसला राजनीतिक था, जिसने दुनिया को चौंका दिया। लेकिन इससे भी चौंकाने वाली बात ये थी कि हमेशा कड़ी सुरक्षा में रहने वाले खामेनेई का लोकेशन इज़राइली वायु सेना को कैसे पता चला?

इज़राइली इंटेलीजेन्स ने उस पार्किंग इलाके के सुरक्षा कैमरे हैक किये, जहां पर खामेनेई के सुरक्षाकर्मी और उनको सुरक्षा देने वाले बख्तरबंद वाहनों के ड्राइवर्स गाड़ियां पार्क करते थे। ये सुरक्षाकर्मी और ड्राइवर्स लगातार इज़राइल की निगरानी में थे। इज़राइली इंटेलीजेंस ने पूरे तेहरान में ट्रैफिक कैमरो को कई साल से हैक कर रखा था। इनकी तस्वीरें इज़राइल में मौजूद सर्वर्स में भेजी जा रही थी, जिनका आकलन अति कुशल इंटेलीजेंस अफसर कर रहे थे।

उनके पास खामेनेई के सुरक्षाकर्मियों के ड्यूटी के समय, दफ्तर जाने के रूट्स, उनकी जिम्मेदारी वाले इलाके सब कुछ इजराइली इंटेलीजेंस को पता था। इसी वज़ह से इज़राइली इंचेलीजेंस मोसाद को  पता था कि आयतुल्लाह ख़ामेनेई किस वक़्त अपने दफ्तर पहुंचेंगे और उनके साथ मीटिंग में कौन मौजूद होगा। इज़राइली इंटेलीजेंस ने सूचनाएं एकत्रित करने के लिए कई साल पहले काम शुरू कर दिया था और रियल टाइम डेटा की मदद से खामेनेई का लोकशन पता किया और हमला किया। (रजत शर्मा)

देखें: ‘आज की बात, रजत शर्मा के साथ’ 03 मार्च, 2026 का पूरा एपिसोड

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