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Hindi News भारत राष्ट्रीय 'काशी और मथुरा में आंदोलनों का समर्थन नहीं करेगा संघ, लेकिन...', मोहन भागवत ने दिया बड़ा बयान

'काशी और मथुरा में आंदोलनों का समर्थन नहीं करेगा संघ, लेकिन...', मोहन भागवत ने दिया बड़ा बयान

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को बड़ा बयान जारी किया है। भागवत ने साफ कर दिया है कि RSS काशी और मथुरा को लेकर आंदोलन को समर्थन नहीं देगा।

mohan bhagwat kashi mathura rss- India TV Hindi Image Source : PTI काशी और मथुरा पर मोहन भागवत का बयान।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को कई अहम मुद्दों पर बयान जारी किए हैं। मोहन भागवत ने काशी और मथुरा को लेकर आंदोलन पर भी बात की है। उन्होंने साफ तौर पर कह दिया है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ काशी और मथुरा में आंदोलनों का समर्थन नहीं करेगा। हालांकि, मोहन भागवत ने ये भी कहा है कि RSS के स्वयंसेवक इन आंदलनों में भाग ले सकते हैं। आइए जानते हैं कि मोहन भागवत ने इस बारे में और क्या कुछ कहा है। 

क्या बोले मोहन भागवत?

दरअसल, संघ प्रमुख मोहन भागवत RSS के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित अपने तीन दिनों के व्याख्यान के अंतिम दिन सवालों का जवाब दे रहे थे। इस दौरान मोहन भागवत ने ऐलान किया है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ काशी और मथुरा सहित ऐसे किसी अन्य अभियान का समर्थन नहीं करेगा। हालांकि, मोहन भागवत ने ये भी कहा कि आरएसएस के स्वयंसेवक ऐसे आंदोलनों में शामिल होने के लिए स्वतंत्र हैं।

मोहन भागवत ने कहा-  ‘‘राम मंदिर एकमात्र ऐसा आंदोलन रहा जिसका आरएसएस ने समर्थन किया है, वह किसी अन्य आंदोलन में शामिल नहीं होगा, लेकिन हमारे स्वयंसेवक इसमें शामिल हो सकते हैं। काशी-मथुरा में आंदोलनों का संघ समर्थन नहीं करेगा, लेकिन स्वयंसेवक इसमें भाग ले सकते हैं।’’ 

75 साल में रिटायरमेंट के मुद्दे पर क्या बोले भागवत?

मोहन भागवत ने गुरुवार को रिटायरमेंट के मुद्दे पर भी बात की। भागवत ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि वह 75 साल की उम्र में पद छोड़ देंगे या किसी को इस आयु में संन्यास ले लेना चाहिए। दरअसल, बार-बार ये कहा जा रहा था कि नरेन्द्र मोदी 75 साल के हो जाएंगे तो उन्हें रिटायरमेंट लेना पड़ेगा, संघ ऐसा चाहता है। इस मामले में आज RSS प्रमुख ने साफ साफ कह दिया कि संघ में रिटायरमेंट की कोई परंपरा नहीं है। कोई स्वंयसेवक कभी रिटायर नहीं होता, जिसको जो जिम्मेदारी दी जाती है वो उसे निभाता है। इसका उम्र से कोई संबंध नहीं है। भागवत ने कहा- "हम जीवन में किसी भी समय पद छोड़ने को तैयार हैं और जब तक संघ चाहे, तब तक कार्य करने को तैयार हैं।" (इनपुट: भाषा)

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