हिमाचल में बारिश-बर्फबारी के कारण 683 सड़क बंद, 5700 ट्रांसफॉर्मर पर भी पड़ा असर
हिमाचल प्रदेश समेत सभी पहाड़ी राज्यों में जमकर बर्फबारी हो रही है। इससे पर्यटक जरूर उत्साहित हैं, लेकिन स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है। स्कूल भी कई जगहों पर बंद कर दिए गए हैं।

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और बर्फबारी के कारण कई सड़कें बंद हो चुकी हैं। वहीं, ट्रांसफॉर्मर पर असर पड़ने से बिजली की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, पिछले 24 घंटों में हिमाचल प्रदेश में व्यापक वर्षा और भारी हिमपात ने सार्वजनिक उपयोगिताओं को बुरी तरह से बाधित कर दिया है। सैकड़ों सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं और कई जिलों में बिजली और पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है।
शुक्रवार शाम 6 बजे राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) द्वारा जारी सार्वजनिक उपयोगिता रिपोर्ट के अनुसार, राज्य भर में दो राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच-03 और एनएच-505) सहित कुल 683 सड़कें अवरुद्ध हैं। प्रभावित वितरण ट्रांसफार्मरों (डीटीआर) की संख्या बढ़कर 5,775 हो गई है, जबकि 126 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित बताई गई हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में लाहौल-स्पीति, मंडी, चंबा, कुल्लू और सिरमौर शामिल हैं, जहां भारी बर्फबारी और बारिश के कारण सड़कें अवरुद्ध हो गईं और बिजली गुल हो गई।
लाहौल-स्पीति में सबसे ज्यादा असर
लाहौल-स्पीति में ही 290 सड़कें अवरुद्ध हैं और क्षेत्र को जोड़ने वाले दोनों प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग बर्फ जमा होने के कारण बंद हैं। कोक्सर-रोहतांग दर्रा, दरचा-सरचू और ग्राम्फू-बताल जैसे कई महत्वपूर्ण मार्गों पर यातायात ठप कर दिया गया है। मंडी जिले में 126 सड़कें अवरुद्ध हो गईं और 694 ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए, जिससे जिले के बड़े हिस्से में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। चंबा जिले में 132 सड़कें अवरुद्ध हुईं और 643 ट्रांसफार्मर खराब हो गए, जबकि कुल्लू में 79 सड़कें अवरुद्ध हुईं और 587 ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए, जिसका मुख्य कारण हिमपात के कारण मुख्य हाई-टेंशन लाइनों में खराबी थी। शिमला जिले में बिजली आपूर्ति बहाल करने में भी चुनौतियां आईं। जिला आपातकालीन संचालन केंद्र ने 23 जनवरी से पूरी तरह से बिजली कटौती की सूचना दी, जिसमें ईंधन संबंधी समस्या के कारण जनरेटर के काम न करने से स्थिति और भी जटिल हो गई।
लोगों से घर के अंदर रहने की अपील
एसडीएमए के हवाले से अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में सड़क साफ करने वाली मशीनरी और फील्ड टीमों को मौसम की स्थिति के अनुसार तैनात करते हुए युद्धस्तर पर बहाली का काम चल रहा है। प्रशासन ने निवासियों और पर्यटकों को अनावश्यक यात्रा से बचने और जिला प्रशासन द्वारा जारी सलाहों का पालन करने की सलाह दी है। विशेष रूप से ऊंचे इलाकों में जाने से मना किया गया है। एसडीएमए ने संबंधित विभागों को आवश्यक सेवाओं की प्राथमिकता के आधार पर बहाली सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही आने वाले दिनों में और अधिक बर्फबारी की संभावना को देखते हुए आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों को तैयार रखने को भी कहा है।
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