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'बहुत समय बाद खुलकर बात की', सोनम वांगचुक की पत्नी ने शेयर की फोटो

गीतांजलि ने बताया कि सोनम वांगचुक 36 घंटे तक मेडिकल ऑबजर्वेशन में रहेंगे। सोनम वांगचुक को जोधपुर जेल से रिहा किया गया है। लद्दाख में प्रदर्शन के दौरान हिंसा के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था।

sonam Wangchuk- India TV Hindi
Image Source : X/GITANJALIJANGMO पत्नी गीतांजलि के साथ सोनम वांगचुक

जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने जेल से बाहर आने के बाद पत्नी गीतांजलि के साथ खुलकर बात की। वह अगले 36 घंटे तक मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रहेंगे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक फोटो शेयर करते हुए गीतांजलि ने बताया कि उन्होंने लंबे समय बाद अपने पति के साथ खुलकर बात की। उन्हें घड़ी की कोई चिंता नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि उनके फैमिली डॉक्टर ने सोनम को मेडिकल ऑबर्जवेशन में रखने के लिए कहा है। इस वजह से वह अगले 36 घंटे तक अस्पताल में रहेंगे।

लद्दाख में रहने वाली गीतांजलि जे अंगमो ने ट्वीट किया, "बहुत समय बाद सोनम वांगचुक से खुलकर बात की, बिना बीच-बीच में डरावनी घड़ी देखे, ताकि जेल में बिताए 60 मिनटों का पूरा उपयोग किया जा सके! हमारे फैमिली डॉक्टर की सलाह पर उन्हें हेल्थ चेकअप के लिए ले जा रहे हैं। वह एक अच्छे हॉस्पिटल में 36 घंटे तक मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रहेंगे।" क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक और उनकी पत्नी गीतांजलि लद्दाख में रहते हैं।

जोधपुर जेल से रिहा हुए सोनम

जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार दोपहर राजस्थान की जोधपुर केंद्रीय जेल से रिहा कर दिया गया। केंद्र सरकार ने सोनम की हिरासत को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का फैसला किया है। इसके बाद उन्हें जेल से छोड़ा गया है। राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत सोनम को जेल में बंद किया गया था और हिरासत की अवधि का आधा समय वह पहले ही बिता चुके हैं। इसके बाद केंद्र सरकार ने उनकी हिरासत को रद्द करने का फैसला किया है। 

क्यों हिरासत में लिए गए थे सोनम

लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर लेह में हुए हिंसक प्रदर्शनों के दो दिन बाद, 26 सितंबर 2025 को सोनम वांगचुक को हिरासत में लिया गया था। विरोध-प्रदर्शनों में चार लोगों की मौत हो गई थी और 22 पुलिसकर्मियों सहित 45 से अधिक लोग घायल हुए थे। उन्हें लेह के जिलाधिकारी के आदेश पर जनव्यवस्था बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत हिरासत में लिया गया था और फिर जोधपुर जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था।

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