गोवा अग्निकांड की कहानी: पति और 3 सगी बहनें खो देने वाली भावना की जुबानी, पल भर में उजड़ गया संसार
गोवा अग्निकांड में दिल्ली की एक महिला ने अपने पति और तीन सगी बहनों को खो दिया। जिस समय यह भयावह घटना हुई, वे क्लब के अंदर थे।
पणजी: गोवा के नाइट क्लब में हुए भीषण अग्निकांड में दिल्ली की एक महिला भावना ने अपने पति और तीन सगी बहनों को खो दिया है। यह परिवार दिल्ली से गोवा घूमने आया था और जिस समय यह भयावह घटना हुई, वे क्लब के अंदर मौजूद थे। भावना इस हादसे में बाल-बाल बच निकलीं।
भावना के अनुसार, उन्होंने और उनके परिवार ने रात लगभग 11:15 बजे क्लब में एंट्री ली। कुछ ही देर बाद उनके पति ने देखा कि क्लब में जिस जगह पर डीजे लगा हुआ था, वहां आग लग गई है। उन्होंने तुरंत इस बारे में क्लब के स्टाफ को सूचित किया, लेकिन भावना का आरोप है कि उनकी चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया गया और वह आग देखते ही देखते इतनी बड़ी हो गई कि पूरा नाइट क्लब ही जलकर राख हो गया, जिसमें कई लोगों की जान चली गई।
क्लब में कितने लोग थे मौजूद?
भीषण आग के कारण क्लब के अंदर मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। भावना के मुताबिक, घटना के समय क्लब में लगभग 200 से 250 लोग मौजूद थे। भावना ने आरोप लगाया है कि क्लब की एंट्री और एग्जिट एक ही थी। आग लगने के बाद, सभी लोग जान बचाने के लिए उसी मुख्य गेट की ओर भागे, जिससे भगदड़ की स्थिति बन गई।
भावना ने बताया कि भीड़ की धक्का-मुक्की में उनका पूरा परिवार उनकी आंखों के सामने से ओझल हो गया और उन्हें पता ही नहीं चला कि कब वह भीड़ के धक्के से क्लब से बाहर निकल आईं। इस त्रासदी में अपने पति और तीनों बहनों को खोने वाली भावना ने क्लब के मालिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
नाइट क्लब में लगी थी भीषण आग
बता दें कि उत्तरी गोवा के अरपोरा स्थित 'बर्च बाय रोमियो लेन' नाम के नाइट क्लब में 6 दिसंबर की रात भीषण आग लग गई, जिसमें 25 लोगों की जान चली गई थी। मरने वालों में नाइट क्लब के 20 कर्मचारी और 5 पर्यटक (जिनमें दिल्ली के एक ही परिवार के चार लोग शामिल थे) शामिल थे। इनमें ज्यादातर लोगों की मौत दम घुटने से हुई थी।
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