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Hindi News भारत राष्ट्रीय बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को बम से उड़ाने की धमकी, जांच एजेंसियों को गुरपतवंत सिंह पन्नू पर शक

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को बम से उड़ाने की धमकी, जांच एजेंसियों को गुरपतवंत सिंह पन्नू पर शक

खालिस्तान आंदोलन की जब भी बात आती है तो एक शख्स का नाम हमेशा आता है गुरपतवंत सिंह पन्नू का। गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक बार फिर धमकी दी है। धमकी में उसने कहा है कि 12 मार्च को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को बम से उड़ा दिया जाएगा।

Threat to bomb Bombay Stock Exchange investigating agencies suspect Gurpatwant Singh Pannu- India TV Hindi Image Source : FILE PHOTO गुरपतवंत सिंह पन्नू ने फिर दी धमकी!

मुंबई के कई बड़े अधिकारियों को बीते दिनों अज्ञात शख्स की तरफ से ईमेल भेजा गया था। इस ईमेल में अधिकारियों को धमकी दी गई थी कि हाईली सेंसिटिव स्थानों पर धमाका किया जाएगा। सूत्रों की मानें तो इस धमकी भरे मेल में आरोपी ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी की बीएसई पर 12 मार्च को धमाका करने का जिक्र किया था। बता दें कि 12 मार्च के दिन साील 1993 में ही मुंबई में कई सीरियल बम धमाके हुए थे। उसी दिन बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में भी बम धमाका किया गया था। एक अधिकारी की मानें तो कुछ महीने पहले खालिस्तानी मूवमेंट का प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने कई लोगों को रिकॉर्डेड वॉइस कॉल कराया था।

गुरपतवंत सिंह पन्नू की हरकत

इस वॉइस कॉल में पन्नू ने कहा, 'मैं सिख फॉर जस्टिस का जनरल काउंसिल हूं। आप लोग इंडिया स्टॉक मार्केट से अपने पैसे निकाल लो और उन पैसों को यूके और यूएस के मार्केट में निवेश करो। इससे इंडियन स्टॉक मार्केट जो भारत की रीढ़ की हड्डी है उसे कमजोर कर सकते हैं।' सूत्रों का कहना हा कि पन्नू ने आगे कहा कि 12 मार्च तक भारतीय मार्केट की कमर तोड़ सकते हैं। बता दें कि जांच एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही थीं कि पिछले सप्ताह एक अज्ञात शख्स का ईमेल कई बड़े आईपीएस अधिकारियों को भेजा गया। इस मेल में बीएसई में धमाके की बात कही गई वो भी 12 मार्च के ही दिन।

अधिकारी ने कही ये बात

ऐसे में शक की सुई अब पन्नू की तरफ जा रही है। जांच एजेंसियों को शक है कि ईमेल पन्नू की ही हरकत हो सकती है। एक अधिकारी ने इस बाबत कहा कि यह ईमेल प्रोटॉन ईमेल का इस्तेमाल कर भेजा गया था। प्रोटॉन ईमेल का सर्वर विदेश में हैं और उन्हें हमने लिखा है कि इस ईमेल करने वाले की जानकारी साझा करें। लेकिन प्रोटॉन ईमेल चलाने वाली कंपनी सीक्रेसी का हावाला देते हुए किसी भी तरह की जानकारी साझा नहीं करती। हालांकि जांच एजेंसियों न ईमेल में लिखे हर जगह को सैनिटाइज किया है और मामले की जांच की जा रही है। 

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