A
Hindi News भारत राजनीति #ChunavManch इंडिया टीवी के ''चुनाव मंच'' पर आरक्षण के मुद्दे पर हुई तीखी बहस

#ChunavManch इंडिया टीवी के ''चुनाव मंच'' पर आरक्षण के मुद्दे पर हुई तीखी बहस

बीजेपी अगर हमें यह कहती कि हम दो साल बाद आरक्षण देंगे तो हम उनकी बात मान लेते। अफ़सोस कि उन्होंने हमारी बात मानने की जगह हम पर गोलियां चलवा दीं। हमपर देशद्रोही का मुकदमा दायर कर दिया गया।

Hardik patel- India TV Hindi Image Source : PTI Hardik patel

अहमदाबाद।  बीजेपी अगर  हमें यह कहती कि हम दो साल बाद आरक्षण देंगे तो हम उनकी बात मान लेते । अफ़सोस कि उन्होंने हमारी बात मानने की जगह हम पर गोलियां चलवा दीं । हमपर देशद्रोही का मुकदमा दायर कर दिया गया । लाठियां चलाईं गईं । यह सवाल तक नहीं पूछा गया कि आख़िर लोगों पर गोली चलाने का किसने आदेश दिया ? 14 लोगों की मौत का ज़िम्मेदार कौन है ? क्या गोली चलाने का आदेश जनरल डायर ने दिया था ! गुजरात में जारी इंडिया टीवी के ''चुनाव मंच पर आरक्षण से जुड़े तीखे सवालों की प्रतिक्रिया में पाटीदार आरक्षण आंदोलन के प्रमुख हार्दिक पटेल ने यह बात कहीं। उन्होंने बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा, आप करें तो बड़ी लीला, हम करें तो पाप ? 

50 फीसदी आरक्षण क्यों नहीं ?

'फैसला गुजरात का' कार्यक्रम में हार्दिक से पूछा गया था कि वो अब 50 फीसदी आरक्षण की मांग क्यों कर रहे हैं ? इसका फॉर्मूला क्या है ? इसे कोई क्यों समझ नहीं पा रहा। हार्दिक ने कहा, फॉर्मूला तो सबको समझ आ रहा है, सिर्फ सत्ता में बैठे लोगों को फार्मूला समझ नहीं आ रहा। उन्होंने कहा, 50 प्रतिशत आरक्षण नहीं दिया जा सकता ऐसा कहां लिखा है ? कहा जा रहा है कि कोर्ट ने ऐसा कहा है, कोर्ट ने इसका कोई कानून नहीं बनाया। वो किसी भी अपराधी के मुद्दे पर जजमेंट देते हैं। नागराज जजमेंट हो , बालाजी जजमेंट हो या इंद्राणी साहनी जजमेंट - तीनों जजमेंट में अलग अलग बात कही गई है। दूसरी बड़ी बात आप जीएसटी क्यों लागू करते हो, आप नोट बंदी क्यों लागू करते हो-क्योंकि आतंकवाद की कमर टूट जाये ! अकेला मैं मांगता तो ग़लत था, आज करोज़ों लोग आरक्षण की मांग कर रहे हैं। और सर्वोच्च न्यायालय किसलिये बना है ? हम लोगों की भलाई के लिये। न्याय दिलाने के लिये। आज युवाओं के  भविष्य के लिये अगर जजमेंट संशोधन होता है, सुधार होता है तो गलत तो नहीं है। 

मंडल कमीशन की सूची पर हो सर्वे 

हार्दिक ने कहा, हर प्रदेश के अंदर वीकर सेक्शन है। जनता की सेवा के लिये ,जनता के विकास के लिये, जनता की परेशानी दूर करने के लिये, उसके सॉल्यूशन के लिये,राज्य की सरकारों को अधिकार मिला है। हर प्रदेश की सत्ता संविधान की धारा 46 के आधार पर आरक्षण का फ़ैसला कर सकती है। वीकर सेक्शन को आप आरक्षण दे सकते हैं। मंडल कमीशन की जो सूची है, उसके आधार पर पटेल समुदाय का सर्वेक्षण कराया जा सकता है। अगर राष्ट्रपति के पास भी इसका प्रस्ताव जाता है, अगर वो कहेंगे, यह ग़लत है,  तो यहां की सरकार दूसरी बार प्रस्ताव भेजेगी । अगर वो फिर गलत मानते हैं तो तीसरी बार भेजेंगे लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने तो वो भी नहीं किया। अगर आरक्षण नहीं दिया तो गोली क्यों चलाई ? हार्दिक ने कहा , कांग्रेस की बात छोड़िये, अगर बीजेपी कहती कि हम दो साल बाद आरक्षण देंगे, तो हम उनकी बात मान लेते। उन्होंने तो धड़ाधड़ गोलियां चलवा दी।  हमपर देशद्रोही का मुकदमा दायर कर दिया गया । लाठियां चलाईं गईं । 

कांग्रेस के सिर पर 2 सींग, हाथ में AK 47 !

हार्दिक ने कांग्रेस की आलोचना पर कहा, मुझे यह बात भी समझ नहीं आता कि क्या कांग्रेस के सिर पर दो सींग हैं ! हाथ में एके 47 है, क्या यह गुजरात बीजेपी का ही है? क्या सिर्फ बीजेपी की ही बात करना चाहिये? 6 करोड़ जनता को अगर लगता है कि सत्ता में बैठे बीजेपी के लोग उनकी बात नहीं करते, अगर उनको कहीं और जाना है तो सबको अधिकार है। स्वतंत्रता है। यह गुजरात सबका है। यहां किसी भी पार्टी को अपनी बात रखने, कहने का अधिकार है । कई बार लगता है कि आप कांग्रेस को किस तरह से देख रहे हो। हमारी ज़िम्मेदारी बनती है कि जो सत्ता में बैठे लोग हमारे अधिकार की बात नहीं करते, उनको कुर्सी खाली करना चाहिये। दूसरों को बिठाओ। भगवान कृष्ण ने गीता में कहा है, समय आने पर परिवर्तन ज़रूरी है। तो परिवर्तन क्यों ना करें !

ओबीसी कोटे से आरक्षण पर लगा डर 

हार्दिक से जब पूछा गया आपने 27 फीसदी ओबीसी कोटे में से आरक्षण की बात से वो पीछे क्यों हटे ? क्या डर गये ? हार्दिक हामी भरते हुए कहा, हां मैं डर गया, बिल्कुल डर गया । मैं इतना डर गया था कि जाने अब क्या होगा, क्या नहीं ! हार्दिक ने इसकी वजह बताते हुए कहा , असल में ओबीसी में जिनको आरक्षण मिल रहा है वो ग़रीब हैं, एसएटी को आरक्षण मिल रहा है, वो गरीब हैं। मुझे लगा, उनका हिस्सा लेकर हमें क्या फायदा होता ?  हमारे संस्कार लोगों की भलाई करने के हैं । तब समझ आया, हम उनका आरक्षण लेकर क्या करेंगे ? मतलब सबको दो, लेकिन हमें भी दो ।  हम कहते हैं किसी का नुकसान मत करो। 

14 लोगों की मौत का ज़िम्मेदार कौन ? 
हार्दिक पर जब यह सवाल  दागा़ गया कि आरक्षण आंदोलन की वजह से 14 लोगों की जान चली गई..उसका ज़िम्मेदार कौन है ? हार्दिक ने कहा, यही सवाल तो मैं भी पूछ रहा हूं और यह सवाल पुलिस से किया जाना चाहिये ? पुलिस ने गोलियां क्यों चलाई ? हार्दिक ने कहा, मैंने तो गोलियां नहीं चलाई और अगर गोलियां चलाईं भी गईं तो भी मुख्यमंत्री ने ये जानने के लिये आदेश क्यों नहीं दिया कि किसके आदेश पर गोली चली ? गोली चलाने का आदेश जनरल डायर ने दिया था !इसलिये नहीं बोल रहे शायद। इसके बाद हार्दिक ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा, कभी तो बोलो, गोधरा कांड में कितने लोगों की जान चली गई थी, कभी तो बोलो कि बाबरी मस्जिद ढहाये जाने के वक्त कितने लोगों की जान गई । आपने किया तो लीला, हम करें तो पाप ?

Latest India News