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महाराष्ट्र: हफ्ते भर बाद भी मंत्रियों को नहीं मिला विभाग, BJP ने की आलोचना

शेलार ने एक बयान में कहा, ‘‘एमवीए ने सरकार बनाने के समय निर्दलियों से वादा किया था, लेकिन शपथ ग्रहण समारोह के आठ दिन बाद भी, एक भी मंत्री को विभाग आवंटित नहीं किया गया है।’’

Maharashtra Chief Minister Uddhav Thackeray- India TV Hindi Image Source : PTI Maharashtra Chief Minister Uddhav Thackeray

मुंबई। महाराष्ट्र में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे नीत महाराष्ट्र विकास आघाडी (एमवीपी) सरकार के शपथ ग्रहण के हफ्ते भर बाद भी मंत्रियों को विभाग आवंटित नहीं करने पर विपक्षी भाजपा ने सत्तारूढ़ गठबंधन की आलोचना की है। भाजपा नेता आशीष शेलार ने छह मंत्रियों को विभाग आवंटित करने में नाकाम रहने के लिए ठाकरे नीत सरकार की बृहस्पतिवार को आलोचना की।

शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा ने मिलकर एमवीए गठबंधन बनाकर सरकार गठित की है जिसने पिछले महीने के आखिर में शपथ ली। मंत्रियों को अब तक विभाग आवंटित नहीं किए गए हैं। दो मंत्रियों ने कहा कि एक-दो दिन में विभाग आंवटित कर दिए जाएंगे।

शेलार ने एक बयान में कहा, ‘‘एमवीए ने सरकार बनाने के समय निर्दलियों से वादा किया था, लेकिन शपथ ग्रहण समारोह के आठ दिन बाद भी, एक भी मंत्री को विभाग आवंटित नहीं किया गया है।’’

उन्होंने दावा किया कि एमवीए में शामिल तीनों पार्टियों के विधायकों में ‘बहुत असंतोष’ है। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने 28 नवंबर को मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। ठाकरे के साथ ही, शिवसेना से एकनाथ शिंदे, सुभाष देसाई, राकांपा से जयंत पाटिल और छगन भुजबल और कांग्रेस से बालासाहेब थोराट और नितिन राउत ने शपथ ली लेकिन अब तक किसी को भी विभाग आवंटित नहीं किए गए हैं।

एक सूत्र ने बताया कि छह मंत्रियों को जल्द की विभाग आवंटित किए जा सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, विभाग आवंटन पर चर्चा करने के लिए कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेताओं की इस हफ्ते के शुरू में दिल्ली में बैठक हुई थी। एक सूत्र ने बताया, ‘‘इस बैठक में राकांपा प्रमुख शरद पवार एवं प्रफुल्ल पटेल, कांग्रेस नेता अहमद पटेल, बालासाहेब थोराट, अशोक चव्हाण और नितिन राउत शामिल हुए थे। अंतिम फैसला लेने के बाद कोई निर्णय किया जाएगा।’’

एमवीए के बीच समझौते के तहत, शिवसेना के मुख्यमंत्री समेत 16 मंत्री होंगे जबकि राकांपा के उपमुख्यमंत्री समेत 15 मंत्री होंगे, वहीं कांग्रेस को 12 मंत्री पद मिलेंगे। साथ में विधानसभा अध्यक्ष भी उसका होगा। राज्य सरकार के मंत्रि-परिषद में 43 सदस्य हो सकते हैं, जो 288 सदस्यीय विधानसभा का 15 फीसदी है।

सूत्रों के मुताबिक, राकांपा नेता अजित पवार की नजरें उपमुख्यमंत्री पद पर हैं। उन्होंने पार्टी में बगावत करके भाजपा से हाथ मिला लिया था और देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई में बनी कुछ दिनों की सरकार में उपमुख्यमंत्री बन गए थे। बाद में वह राकांपा में लौट आए थे। उन्होंने बताया कि राकांपा प्रमुख शरद पवार जयंत पाटिल को उपमुख्यमंत्री पद का वादा कर चुके हैं।

विधानसभा के शीत सत्र के बाद मंत्रि-परिषद का विस्तार हो सकता है। यह सत्र 16 से 21 दिसंबर के बीच नागपुर में होगा। इस बीच प्रदेश कांग्रेस प्रमुख थोराट ने कहा कि मंत्रालयों के आवंटन पर बातचीत चल रही है। एक-दो दिन में विभागों पर निर्णय कर लिया जाएगा। वहीं राकांपा के प्रदेश प्रमुख और मंत्री पाटिल ने भी कहा कि एक दो दिन में विभागों का आवंटन कर लिया जाएगा।

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