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Hindi News भारत राजनीति नवजोत सिंह सिद्धू को बर्ताव सुधारने की चेतावनी दे सकती है कांग्रेस- सूत्र

नवजोत सिंह सिद्धू को बर्ताव सुधारने की चेतावनी दे सकती है कांग्रेस- सूत्र

सूत्रों के मुताबिक, आज की मीटिंग में सिद्धू को सिर्फ चेतावनी दी जाएगी। पार्टी की लाइन से हटकर बयान ना देने को कहा जाएगा। सिद्धू लगातार कांग्रेस पर सवाल उठाते आ रहे हैं, उन्हें अपनी कार्यशैली को सुधरने को कहा जाएगा।

नवजोत सिंह सिद्धू - India TV Hindi Image Source : PTI FILE PHOTO नवजोत सिंह सिद्धू 

नयी दिल्ली: पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने वाले नवजोत सिंह सिद्धू आज शाम 7 बजे पार्टी के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल और प्रदेश प्रभारी हरीश रावत से पंजाब भवन में मुलाकात करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, आज की मीटिंग में सिद्धू को सिर्फ चेतावनी दी जाएगी। पार्टी की लाइन से हटकर बयान ना देने को कहा जाएगा। सिद्धू लगातार कांग्रेस पर सवाल उठाते आ रहे हैं, उन्हें अपनी कार्यशैली को सुधरने को कहा जाएगा। बैठक में सिद्धू के इस्तीफे को लेकर भी फैसला हो सकता है।  

सिद्धू से मुलाकात के पहले कांग्रेस महासचिव हरीश रावत ने कहा कि बातचीत होती रहती है। सीएम चन्नी और सिद्धू के बीच विवाद को लेकर रावत ने कहा कि नेताओं को समझने में समय लगता है। सिद्धू ने अपने मुद्दों पर सीएम चन्नी से बात की है। सिद्धू ने कई मुद्दों पर सीएम चन्नी से बात की है। 

बता दें कि, सिद्धू ने 28 सितंबर को कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे पत्र में सिद्धू ने कहा था कि वह पार्टी की सेवा करना जारी रखेंगे। उन्होंने पत्र में लिखा था, ‘‘किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व में गिरावट समझौते से शुरू होती है, मैं पंजाब के भविष्य और पंजाब के कल्याण के एजेंडे को लेकर कोई समझौता नहीं कर सकता हूं।’’ कांग्रेस आलाकमान ने अब तक सिद्धू का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है। सूत्रों का कहना है कि 14 अक्टूबर की बैठक के बाद कुछ बिंदुओं पर सहमति बनेगी और फिर सिद्धू अपना इस्तीफा वापस लेने की घोषणा कर सकते हैं। 

क्या सिद्धू से नाराज है हाईकमान?

बताया जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान इस वक्त नवजोत सिद्धू से नाराज चल रहा है। कैप्टन के विरोध के बावजूद हाईकमान ने सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का प्रधान बनाया। उसके बाद सिद्धू और उनके साथियों की जिद पर कैप्टन को सीएम की कुर्सी से हटाया गया। कांग्रेस को उम्मीद थी कि इसके बाद पंजाब में सब ठीक हो जाएगा और इसके बाद 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ही नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और सिद्धू के बीच खटपट की खबरें भी सामने आयी हैं। कांग्रेस हाईकमान को लगता था कि सिद्धू पंजाब में पार्टी के लिए अहम साबित होंगे मगर सिद्धू ने चन्नी सरकार के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया। 

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