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जहरीली शराब को लेकर आपस में भिड़े पंजाब कांग्रेस के नेता, प्रताप सिंह बाजवा ने साधा सीएम अमरिंदर सिंह पर निशाना

पंजाब में जहरीली शराब का मुद्दा गरमाया हुआ है। इस मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी के अंदर ही घमासान छिड़ गया है। जहरीली शराब के मुद्दे पर 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

punjab congress leader fiht bajwa attacks cm amarinder singh badal । जहरीली शराब को लेकर आपस में भिड- India TV Hindi Image Source : FILE पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह

चंडीगढ़. पंजाब में जहरीली शराब का मुद्दा गरमाया हुआ है। इस मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी के अंदर ही घमासान छिड़ गया है। जहरीली शराब के मुद्दे पर 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ और कप्टैन अमरिंदर पर निशाना साधा है। एक बयान जारी कर बजावा ने सुनील जाखड़ और सीएम अमरिंदर के लिए कहा, 'बर्बाद गुलिस्ताँ करने को बस एक ही उल्लू काफ़ी था, हर शाख पे उल्लू बैठा है, अंजाम-ए-गुलिस्तां क्या होगा।' 

दरअसल जहरीली शराब के विषय को लेकर पंजाब कांग्रेस के नेता और सांसद प्रताप सिंह बाजवा और शमशेर सिह ढुल्लो राज्यपाल से मुलाकात कर चुके हैं। इन दोनों ने इस मामले में सीबीआई और ईडी से जांच करवाने की मांग की है, जिसके बाद पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के कर दोनों नेताओं पर हमला बोला है। जाखड़ ने कहा कि दोनों नेताओं ने पार्टी की पीठ में छूरा घोंपा है, दोनों के खिलाफ अनुशासनहीनता को लेकर कार्रवाई होनी चाहिए।

सुनील जाखड़ के इस प्रेस वार्ता के बाद प्रताप सिंह बाजवा ने बयान जारी कर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि बेहतर होता की जाखड़ हमारी निंदा करने के बजाय पीड़ित परिवारों से मुलाकात करते। उन्होंने कहा कि इस विषय पर हम सीएम को भी पत्र लिख चुके हैं, लेकिन घंमडी सीएम इस विषय पर ध्यान ही नहीं देना चाहते। उन्होंने कहा कि पंजाब में 117 लोगों की मौत जहरीली शराब की वजह से हो गई, अगर जाखड़ इस विषय पर सीएम से सवाल करते तो शायद कुछ लोगों की जान बच सकती।

बाजवा ने आगे कहा कि जाखड़ को यह समझाना चाहिए कि राज्यपाल से उनकी मुलाकात के पीछे कोई छिपा एजेंडा नहीं है बल्कि सही मुद्दे को उठाने का साहस है। उन्होंने कहा कि मुझे किसी पूर्व राजा के आगे अपनी गद्दी बचाने के लिए अपना विवेक खोना स्वीकार नहीं है। बाजवा ने आगे भी ऐसे विषय उठाते रहने की बात कही। उन्होंने कहा कि मैंने पार्टी की पीठ में छूरा नहीं घोपा है बल्कि हमारे पास इस विषय को उठाने का कोई चारा नहीं बचा था। 

उन्होंने कहा कि जरूरी है कि जाखड़ सीएम के प्रभाव से निकलें और उनके दबाव में न आए और सरकार की विफलता को न छुपाएं। बाजवा ने आरोप लगाते हुए कहा कि नशे के माफियाओं को जाखड़ बचा रहे हैं जिस वजह से कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हौसला गिरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम जाखड़ के साथ सोनिया गांधी के साथ मीटिंग में चलने और पंजाब की सही हालत से रूबरू करवाने के लिए तैयार है। 

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