India TV News Desk
Published : Mar 25, 2017 08:12 am IST, Updated : Mar 25, 2017 08:12 am IST
नयी दिल्ली: उत्तर प्रदेश के चिडि़याघरों में शेरों और बब्बर शेरों को मीट के बजाय चिकन खिलाने का मामला कांग्रेस के एक सदस्य ने लोकसभा में उठाया और सवाल किया कि क्या अब शेरों को
UP Lion
नयी दिल्ली: उत्तर प्रदेश के चिडि़याघरों में शेरों और बब्बर शेरों को मीट के बजाय चिकन खिलाने का मामला कांग्रेस के एक सदस्य ने लोकसभा में उठाया और सवाल किया कि क्या अब शेरों को भी पालक पनीर खाने को कहा जाएगा। कांग्रेस सदस्य अधीर रंजन चौधरी ने शून्यकाल में यह मुद्दा उठाया और कहा कि भारत 28 हजार करोड़ रूपये मूल्य के मांस का निर्यात करता है लेकिन उत्तर प्रदेश के चिडि़याघरों में शेर और बब्बर शेरों को मांस के बजाय चिकन खाने को दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रकृति की एक जैविक व्यवस्था है जिसमें सभी का जिंदा रहना जरूरी है लेकिन अभी कहा जा रहा है कि मांस का उपभोग बंद कर देंगे। चौधरी ने सरकार से सवाल किया, क्या अब शेर और बब्बर शेरों को भी कहा जाएगा कि पालक पनीर खाकर रहो ? गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की सत्ता में आयी भाजपा सरकार ने अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई शुरू की है। पार्टी ने अपने चुनावी घोषणापत्र में अवैध बूचड़खानों पर रोक लगाने की बात कही थी।
300 से ज्यादा बूचड़खाने सील
दूसरी तरफ अवैध बूचड़खानों पर भी जमकर गाज गिर रही है। पिछले तीन दिनों में पूरे उत्तर प्रदेश में 300 से भी ज्यादा बूचड़खाने बंद करा दिए गए हैं। लखनऊ से लेकर हाथरस और मऊ से लेकर गोरखपुर तक हर जगह पुलिस सड़क पर मीट और मछली बेचने वालों को भी हटा रही है। दिल्ली से सटे गाजियाबाद में भी लगभग 20 बूचड़खाने बंद कराए गए हैं। बूचड़खानों में काम कर करने वाले लोगों की मांग है कि सरकार उन्हें दूसरी जगह रोजगार दे या फिर बूचड़खाने चलाने का लाइसेंस दे। वे अब कोर्ट जाने की तैयारी कर हैं।