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Hindi News भारत राजनीति ‘हमें पाकिस्तानी मत कहिए…दम है तो युद्ध कर लीजिए’, लोकसभा में बरस पड़े फारूक अब्दुल्ला

‘हमें पाकिस्तानी मत कहिए…दम है तो युद्ध कर लीजिए’, लोकसभा में बरस पड़े फारूक अब्दुल्ला

लोकसभा में सरकार के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि हिंदुस्तान को जिंदा रखने के लिए हमने भी गोलियां खाईं हैं, हमें पाकिस्तानी मत कहिए।

Farooq Abdullah, Farooq Abdullah News, Farooq Abdullah Pakistani- India TV Hindi Image Source : PTI लोकसभा में विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला।

नई दिल्ली: संसद के मॉनसून सत्र के दौरान लोकसभा में मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान बुधवार को कई नेताओं ने भरपूर ताकत के साथ अपनी बात रखी। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से लेकर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी तक, सबने अपने बयानों से सुर्खियां बटोरीं। जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने भी अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया, लेकिन इस दौरान वह कुछ ऐसा बोल गए जिसने सियासी गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा बटोरी।

‘हमें भारत का नागरिक होने पर गर्व है’
केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि उसका काम करने का तरीका देश को खतरे में डाल रहा है और सरकार को नफरत छोड़कर, मुहब्बत की बात करनी होगी। लोकसभा में सरकार के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए अब्दुल्ला ने कहा, ‘हमें पाकिस्तानी मत कहिए। कब तक शक करेंगे कि हम पाकिस्तानी हैं। हम वतन के साथ खड़े हैं और खड़े रहेंगे । हमें गले लगाइए । हमने भी गोलियां खाई हैं ताकि हिंदुस्तान जिंदा रहे। हमें भारत का नागरिक होने पर गर्व है।’


‘कितने कश्मीरी पंडितों की वापसी हुई?’
फारूक अब्दुल्ला ने चर्चा में कश्मीरी पंडितों की भी बात की। घाटी में कश्मीरी पंडितों के खिलाफ हिंसा को देश के इतिहास का काला अध्याय बताते हुए उन्होंने कहा कि क्या सरकार बताएगी कि पिछले 10 साल में उसने कितने कश्मीरी पंडितों की वापसी कराई। इस पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यह कहना गलत है कि कश्मीरी पंडितों की वापसी के लिए इस सरकार ने कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि विपक्षी सदस्य गुमराह कर रहे हैं। अब्दुल्ला ने कहा कि इस देश के प्रधानमंत्री केवल एक वर्ग का प्रतिनिधित्व नहीं करते, वह समस्त देशवासियों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

‘आपमें दम है तो युद्ध कर लीजिए’
पूर्व केंद्रीय मंत्री अब्दुल्ला ने कहा, ‘सरकार का तरीका इस मुल्क को खतरे में डाल रहा है। हमसे नफरत मत कीजिए। बहुत नफरत हो गयी। अब मुहब्बत की बात कीजिए। मणिपुर में भी मुहब्बत की बात कीजिए।’ उन्होंने पाकिस्तान का परोक्ष जिक्र करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री और बीजेपी के नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि हम पड़ोसी के साथ दोस्ती में रहें तो दोनों तरक्की करेंगे। अब्दुल्ला ने सत्तापक्ष के कुछ सदस्यों की टोकाटोकी के बीच कहा, ‘यह बात आपके नेता ने कही थी। आप इसे मानें य न मानें। आपमें दम है तो युद्ध कर लीजिए। हम नहीं रोक रहे। हम कभी नहीं रोकते।’

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