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Hindi News भारत राजनीति 'हिम्मत है तो अमेठी से अकेले चुनाव लड़ के दिखाएं राहुल गांधी', स्मृति ईरानी के बयान पर जयराम रमेश ने कही ये बात

'हिम्मत है तो अमेठी से अकेले चुनाव लड़ के दिखाएं राहुल गांधी', स्मृति ईरानी के बयान पर जयराम रमेश ने कही ये बात

लोकसभा चुनाव 2024 में राहुल गांधी 2 लोकसभा सीटों से चुनाव लड़ सकते हैं, ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं। इस बीच केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर हिम्मत है तो अकेले अमेठी से चुनाव लड़कर दिखाएं।

Smriti Irani targeted Rahul Gandhi Jairam Ramesh said CEC will decide from where Rahul Gandhi will c- India TV Hindi Image Source : ANI स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

लोकसभा चुनाव की तैयारियां जोरों-शोरों से चल रही है। लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने अपने उम्मीदवारों के नामों की पहली लिस्ट को जारी कर दिया है। लेकिन कांग्रेस द्वारा अपने उम्मीदवारों के नामों की एक भी लिस्ट जारी नहीं की गई है। साथ ही कांग्रेस अब भी कई राज्यों में सीट बंटवारे को लेकर चर्चा कर रही है। इस बीच कयास लगाए जा रहे थे कि राहुल गांधी पिछली बार की तरह इस बार भी लोकसभा चुनाव के लिए 2 सीटों से नामांकन दाखिल करेंगे। ऐसे में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा था कि अब अमेठी कांग्रेस का गढ़ नहीं है। 

स्मृति ईरानी के बयान पर जयराम रमेश का जवाब

केंद्रीय मंत्री और अमेठी से भाजपा सांसद स्मृति ईरानी के बयान पर कांग्रेस महासचिव संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि स्मृति ईरानी चाहे कुछ भी कहें लेकिन हमारी एक प्रक्रिया है। बैठक में विचार-विमर्श होता है। उसके बाद उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की जाती है। आज या कल उम्मीदवारों की घोषणा की जाएगी। अंतिम निर्णय सीईसी ही लेती है कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी कहां से चुनाव लड़ेंगे। दरअसल जयराम रमेश राहुल गांधी के साथ उनकी भारत जोड़ो न्याय यात्रा में शामिल हैं। ऐसे में न्याय यात्रा के तहत राहुल गांधी और जयराम रमेश समेत कई अन्य नेता गुजरात पहुंचे हैं। 

स्मृति ईरानी ने क्या कहा था?

दरअसल केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने अपने बयान में कहा था कि जो लोग कहते हैं कि अमेठी गांधी परिवार का गढ़ है, उन्हें उम्मीदवार घोषित करने में इतना समय क्यों लग रहा है? उनके आत्मविश्वास की कमी आपको बताती है कि अमेठी अब कांग्रेस का गढ़ नहीं है। अगर वह दो सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं तो इसका मतलब है कि वह चुनाव से पहले ही अमेठी से अपनी हार की घोषणा कर रहे हैं। मैंने कहा था कि अगर उनके नेता में हिम्मत है तो बिना मायावती, अखिलेश यादव के सहारे के अकेले सिर्फ अमेठी से चुनाव लड़के क्यों नहीं दिखाते। तो दूध का दूध, पानी का पानी वही हो जाएगा।

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