A
Hindi News भारत उत्तर प्रदेश काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में ज्ञानवापी मस्जिद के ASI सर्वे पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रोक लगाई

काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में ज्ञानवापी मस्जिद के ASI सर्वे पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रोक लगाई

बता दें कि विश्वनाथ मंदिर परिसर में तामील ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर साल 1991 में एक मुकदमा दायर हुआ था, जिसमे मांग की गई थी कि मस्जिद स्वयंभू विश्वेश्वर मंदिर का एक अंश है जहां हिंदू आस्थावानों को पूजा-पाठ, दर्शन और मरमम्त का अधिकार है।

Allahabad High Court stays ASI survey of Varanasi's Gyanvapi Mosque- India TV Hindi Image Source : WIKIMEDIA COMMONS इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद के एएसआई सर्वे पर रोक लगा दी है।

लखनऊ: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद के एएसआई सर्वे पर रोक लगा दी है। बता दें कि वाराणसी सिविल कोर्ट ने 8 अप्रैल को मस्जिद परिसर की जांच के लिए एएसआई सर्वेक्षण का आदेश किया है। सिविल कोर्ट के फैसले के खिलाफ यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और मस्जिद कमेटी की तरफ से रोक लगाए जाने की मांग की गई थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में फैसला को सुरक्षित रख लिया था। बता दें कि ज्ञानवापी के पैरोकारों में हाईकोर्ट के रिजर्व फैसला आने तक एएसआई जांच आदेश पर रोक लगाए जाने की मांग की गई थी।  

याचिका में पूजा स्थल (विशेष प्रवधान) अधिनियम 1991 के आदेश की अनदेखी का आरोप लगाया गया था। मंदिर पक्ष के मुताबिक 1664 में मुगल शासक औरंगजेब ने मंदिर को नष्ट कर उसके अवशेषों पर किया मस्जिद का निर्माण किया था और उस वास्तविकता को जानने के लिए ही मंदिर प्रबंधन की तरफ से पूरे परिसर का सर्वेक्षण कराए जाने की वाराणसी कोर्ट से मांग की गई थी। 

मस्जिद पक्ष ने 1991 के पूजा स्थल कानून का खुलेआम उल्लंघन बताया। 1991 पूजास्थल कानून के मुताबिक 15 अगस्त 1947 से पहले अस्तित्व में आए किसी भी धर्मस्थल को दूसरे धर्मस्थल में नहीं बदला जा सकता। बता दें कि विश्वनाथ मंदिर परिसर में तामील ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर साल 1991 में एक मुकदमा दायर हुआ था, जिसमे मांग की गई थी कि मस्जिद स्वयंभू विश्वेश्वर मंदिर का एक अंश है जहां हिंदू आस्थावानों को पूजा-पाठ, दर्शन और मरमम्त का अधिकार है।

इसी मुकदमे में सर्वेक्षण का एक प्रार्थना पत्र विजय शंकर रस्तोगी ने दिया था और कहा था कि कथित विवादित परिसर में स्वयंभू विश्वेश्वरनाथ का शिवलिंग आज भी स्थापित है इसलिए, कोर्ट से भौतिक और पुरातात्विक दृष्टि से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा रडार तकनीक से सर्वेक्षण तथा परिसर की खुदाई कराकर रिपोर्ट मंगाने की अपील की गई थी. जिस पर कोर्ट ने आदेश जारी किया है।

ये भी पढ़ें

Latest Uttar Pradesh News