गाजियाबाद में कोरोना संक्रमित व्यक्ति ने फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। लोनी इलाके में रहने वाला 45 साल के व्यक्ति की 23 जून को कोरोना पॉजिटिव की रिपोर्ट आई थी ,जिससे परेशान होकर आज उसने अपने ही घर में फांसी लगा ली। मृतक व्यक्ति के परिजनों और संपर्क में आए 10 लोगों क्वारंटाइन करने और जांच कराने के लिए एसएचओ ने सीएमओ को सूचना भेजी। उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण से बुधवार को आठ और मरीजों की मौत के बाद इस बीमारी से मरने वालो की संख्या 596 हो गयी है। अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बुधवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा, '' प्रदेश में वर्तमान में संक्रमण के 6375 मामले हैं। जबकि, 12586 कोरोना मरीज स्वस्थ हो गये और उन्हें अस्पताल से छुटटी दे दी गयी।’’
Image Source : indiatvGhaziabad man commit suicide after found himself coronavirus positive
उन्होंने बताया कि प्रदेश में संक्रमण के 700 नए मामले आए हैं। प्रदेश में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 19,557 है। प्रसाद ने बताया कि बुधवार को पूरे प्रदेश में औचक तौर पर स्वास्थ्य कर्मी, दुकानदार और सेल्स मैन के नमूने लिए गए। नमूना लेने के काम को और बढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार से मेरठ मंडल के छह जिलों में और लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर और गोरखपुर में एंटीजन जांच की सुविधा शुरू हो जायेगी।
गौतमबुद्ध नगर में एंटीजन किट से जांच शुरू की जाएगी
जनपद गौतमबुद्ध नगर में कोरोना वायरस संक्रमण पर लगाम कसने के लिए बृहस्पतिवार से एंटीजन किट से जांच की प्रक्रिया शुरू की जा रही है और जिले को इसके लिए 15 हजार किट मिल रही हैं। जिलाधिकारी सुहास एल वाई ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के विशेषज्ञ यहां स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को किट के इस्तेमाल का प्रशिक्षण बुधवार को देंगे।
जिलाधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अन्य इलाकों के साथ जिले में एंटीजन किट से कोरोना वायरस की जांच की जाएगी। उन्होंने बताया, ‘‘हमें आईसीएमआर से 15,000 जांच किट आज प्राप्त हो जाएंगी। स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित करने के बाद स्वास्थ्य विभाग जांच की रणनीति बनाएगा। सबसे पहले ऐसे स्थानों पर जांच होंगी जहा पर अब तक सबसे अधिक मरीजों की पुष्टि हुई है।’’
डीएम ने बताया कि जहा संक्रमण का कारण पूरी तरह से पता नहीं चला है, उन जगहों पर भी जांच के माध्यम से मरीजों की पहचान की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस किट से जांच के बाद अधिकतम 30 मिनट में जाच रिपोर्ट आ जाएगी। ऐसे में प्रभावित इलाकों में जांच के बाद मरीज के संक्रमित होने की स्थिति में उसका इलाज शुरू कर दिया जाएगा। जल्द जांच रिपोर्ट आने से संक्रमण की स्थिति की जानकारी मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि मरीज और उनके संपर्क में रहे लोगों का इलाज शुरू किया जा सकेगा। इससे कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने में भी मदद मिलेगी।
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