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आजमगढ़: एंटी-CAA प्रदर्शनकारियों से मिलीं प्रियंका गांधी, कहा- लोकतंत्र में आवाज उठाना जुल्म नहीं

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने बुधवार को आज़मगढ़ पहुंचकर सीएए और एनआरसी के खिलाफ बिलरियागंज में चल रहे आंदोलन में पुलिस हिंसा और उत्पीड़न के शिकार हुईं पीड़ित महिलाओं से मुलाकात की।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू - India TV Hindi कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू 

आज़मगढ़/लखनऊ: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने बुधवार को आज़मगढ़ पहुंचकर सीएए और एनआरसी के खिलाफ बिलरियागंज में चल रहे आंदोलन में पुलिस हिंसा और उत्पीड़न के शिकार हुईं पीड़ित महिलाओं से मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू भी मौजूद रहे। प्रियंका गांधी ने यहां अपने संबोधन में कहा कि आपके बीच में आकर मेरे दिल को तसल्ली मिली कि मैं आप सबके दुःख और संघर्ष का हिस्सा बनी। प्रियंका ने कहा कि लोकतंत्र में आवाज उठाना कोई जुल्म नहीं है। केन्द्र और उत्तर प्रदेश में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकारों पर प्रियंका ने संविधान तोड़ने का प्रयास करने का आरोप मढा। उन्होंने दोनों ही सरकारों को गरीब विरोधी और जन विरोधी करार दिया।

प्रियंका गांधी ने कहा कि "मुझे पता चला कि आजमगढ़ के बिलरियागंज में पुलिसिया हिंसा हुई। महिलाओं को लाठियों से पीटा गया। आधी रात को आंसू गैस के गोले सत्ता के इशारे पर महिलाओं के ऊपर चलाया गए, घरों में तोड़-फोड़ हुई, गलत तरीके से निर्दोष लोगों की गिरफ्तारियों हुईं।" उन्होंने कहा "मुझे पता चला और मैं बिलरियागंज आप सबके बीच में आ गई।" बिलरियागंज में अपनी एसयूवी की छत से जनता को संबोधित करते हुए कहा कि आपके साथ जो हुआ, वह गलत है और अन्याय है। हम सभी अन्याय के खिलाफ खड़े होंगे। केन्द्र और उत्तर प्रदेश की सरकार जन विरोधी और गरीब विरोधी है और संविधान तोड़ने के लिए काम कर रही है। 

उन्होंने जनता को आगाह किया कि अगर आप और हमने मिलकर इसे नहीं बचाया तो संविधान टूट जाएगा। प्रियंका ने कहा कि आपने देखा कि उत्तराखंड में भाजपा सरकार ने कहा है कि आरक्षण संवैधानिक अधिकार नहीं है। भाजपा सरकार ने उच्चतम न्यायालय में संविधान तोड़ने की बात की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ खड़ी होगी । उन्होंने कहा, ''मैंने महिलाओं के बारे में सुना। मैं बिजनौर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, लखनऊ और वाराणसी गयी और उन जगहों पर गयी, जहां पुलिस और प्रशासन ने अत्याचार किया। मैं यहां (आजमगढ) की रिपोर्ट लूंगी । मैं उन पुलिस वालों के नाम भेजूंगी, जिन्होंने अत्याचार किया है।'' 

लोगों को संबोधित करने से पहले प्रियंका उन प्रदर्शनकारियों के परिजनों से मिलीं, जो चार फरवरी को सीएए विरोधी प्रदर्शन में शामिल हुए थे। प्रियंका से मिलने वाली एक महिला ने कहा कि वह हमने परिवार के सदस्य की तरह मिलीं और हमसे पूछा कि चार फरवरी को दरअसल क्या हुआ था। हमने उन्हें पूरी बात बतायी और यह भी बताया कि हम क्या चाहते हैं। हम चाहते हैं कि हमारे नेता ताहिर मदनी और जिनके खिलाफ झूठे मुकदमे लगाये गये, उन्हें रिहा किया जाए। प्रियंका ने कहा कि कांग्रेस यह मुद्दा लोकसभा और उत्तर प्रदेश विधानसभा में उठाएगी।

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