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कानपुर लैब टेक्नीशियन अपहरण मामला: थाना प्रभारी निलंबित किए गए

लैब टेक्नीशियन अपहरण प्रकरण में विभागीय जांच के आदेश दिये जाने के एक ही दिन बाद गुरुवार को कानपुर के बर्रा थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया गया। 

SHO suspended, Kanpur lab technician kidnapping case- India TV Hindi Image Source : FILE SHO suspended in Kanpur lab technician kidnapping case । Photo for representation

कानपुर (उप्र)। लैब टेक्नीशियन अपहरण प्रकरण में विभागीय जांच के आदेश दिये जाने के एक ही दिन बाद गुरुवार को कानपुर के बर्रा थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया गया। अपहरण के मामले को गंभीरता से नहीं लेने के लिए उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गयी है। आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि बर्रा थाना प्रभारी रंजीत राय को लैब टेक्नीशियन के अपहरण मामले में लापरवाही बरतने के लिए निलंबित किया गया है। लैब टेक्नीशियन 22 जून से गायब है और उसका अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। 

प्रवक्ता ने बताया कि राय से कहा गया है कि वह इंस्पेक्टर हरमीत सिंह को प्रभार सौंप दें। राय को निर्देशित किया गया है कि वह तत्काल रिजर्व पुलिस लाइन जाएं और उपस्थिति दर्ज करायें। लैब टेक्नीशियन एस यादव के परिवार वालों ने मीडिया के सामने कहा था कि यादव का 22 जून को अपहरण किया गया था और तब से अब तक उनके बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसी बीच यह आरोप भी लगा कि पुलिस की मौजूदगी में परिवार वालों ने 30 लाख रुपये फिरौती की रकम दी है। 

यादव की बहन रूचि ने बुधवार सुबह वायरल वीडियो में कहा था कि फिरौती में जो बैग दिया गया था, उसमें रकम नहीं थी। रूचि ने बताया कि इससे पहले किसी ने सुझाया था कि फिरौती की रकम की बात करो, इसलिए उसने पैसे की बात की थी लेकिन वायरल वीडियो में वह साफ कह रही है कि बैग में रकम नहीं थी। बुधवार शाम को हालांकि वह मीडिया के सामने अपने इस बयान से पलट गयी और कहा कि इससे पहले का बयान उसने पुलिस वालों के दबाव में दिया था। रूचि ने पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस वालों ने घर आकर उस पर यह कहने के लिए दबाव डाला था कि फिरौती की कोई रकम नहीं दी गयी थी । रूचि ने बताया कि पुलिस ने कहा कि ‘‘तुम ऐसा बयान दोगी तो तुम्हारा भाई खतरे में पड़ सकता है क्योंकि अपहर्ता खिसिया गया तो वह ऐसे में भाई के साथ कुछ गलत कर सकता है । उस समय तुम क्या करोगी । तुम अपना भाई चाहती हो या मीडिया की सुर्खियां।' 

रूचि ने कहा, 'मैं उनकी इस बात से उस समय सहमत हो गयी।' रूचि के मुताबिक उसके बयान का एक वीडियो बनाकर बुधवार सुबह वायरल कर दिया गया। रूचि ने कहा, 'हमने 30 लाख रुपये फिरौती नहीं दी, ये सब मैंने उनके दबाव में कहा था।' जब स्पष्ट तौर पर पूछा गया कि क्या बैग में पैसा था तो रूचि का जवाब था, 'हां था।' रूचि ने यह भी दावा किया कि बैग में कथित तौर पर रकम लेकर उसके पिता, चचेरा भाई, दोस्त और एक पुलिस टीम गयी थी। 

इस सवाल पर कि आपने फिरौती की रकम दी है या नहीं, रुचि ने कहा 'दी है, दी है। जिस दिन मेरा भाई आ जाएगा, उस दिन हम मीडिया बुलाकर सारे सुबूत दिखा देंगे।' इस सवाल पर कि उनका वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह कह रही हैं कि फिरौती की रकम नहीं दी गयी, रुचि ने कहा कि वह घटना का सारा विवरण दे चुकी है। रूचि ने आरोप लगाते हुए कहा, 'यह अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) अपर्णा गुप्ता और बर्रा थाना अध्यक्ष रंजीत राय को बचाने के लिए किया जा रहा है। ये लोग इसीलिये आये थे, मेरे पास बयान बदलवाने।' 

इस बीच, अपर्णा गुप्ता ने कहा कि अपहरणकर्ताओं को फिरौती चुकाये जाने का दावा सही नहीं है। जब अगवा हुए व्यक्ति के परिजन से पूछा गया कि वे वह धन कहां से लाये, तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। अपहरण की खबर जैसे ही मंगलवार को मीडिया में सुर्खियां बनी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) दिनेश कुमार पी. बर्रा थाने गये और पीड़ित परिवार से बात की। उन्होंने परिवार वालों को आश्वासन दिया कि अपहृत की सुरक्षित रिहाई करायी जाएगी । एसएसपी ने मीडियाकर्मियों को बताया, 'हम अपहृत की तलाश का प्रयास कर रहे हैं । अगर फिरौती की रकम दी गयी है तो उसे भी बरामद किया जाएगा।'

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