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Hindi News भारत उत्तर प्रदेश Allahabad University: इलाहाबाद विश्वविद्यालय में फीस बढ़ोतरी पर नहीं रुक रहा छात्रों का गुस्सा, दशहरे के दिन शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका

Allahabad University: इलाहाबाद विश्वविद्यालय में फीस बढ़ोतरी पर नहीं रुक रहा छात्रों का गुस्सा, दशहरे के दिन शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के स्नातक स्तर की शिक्षा की फीस प्रति छात्र 975 रुपये प्रतिवर्ष थी जिसे हाल ही में 300 प्रतिशत से अधिक बढ़ाकर 4,151 रुपये प्रति वर्ष कर दिया गया है।

Allahabad University Agitating students - India TV Hindi Image Source : FILE PHOTO Allahabad University Agitating students

Highlights

  • पिछले 29 दिन से आंदोलन कर रहे हैं छात्र
  • शिक्षा मंत्री और कुलपति का पुतला फूंका
  • विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ वार्ता विफल

Allahabad University: इलाहाबाद विश्वविद्यालय में फीस बढ़ने के खिलाफ छात्र महीने  भर से लगातार आंदोलन कर रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर में छात्रसंघ भवन के सामने छात्रों ने अपना विरोध और तेज किया। विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री और विश्वविद्यालय कुलपति का पुतला फूंका। विश्वविद्यालय में दशहरे का अवकाश होने के चलते परिसर में सन्नाटा पसरा था और वहां आंदोलनकारी छात्र, कुछ सुरक्षाकर्मी और मीडियाकर्मी ही मौजूद थे। 

30 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं छात्र
इस दौरान छात्र संघ उपाध्यक्ष अखिलेश यादव ने मीडियाकर्मियों से कहा कि आज विजयदशमी के मौके पर हमने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और कुलपति संगीता श्रीवास्तव का पुतला जलाकर इनके अहंकार को तिलांजलि देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि हम लोग पिछले 30 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं लेकिन इनका कलेजा तक नहीं पसीजा। आल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन के सचिव मनीष कुमार ने कहा कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में जिस तरह से फीस वृद्धि की गई है, उसके खिलाफ हमने आज शिक्षा मंत्री और कुलपति का पुतला फूंका है। 

विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ छात्रों की वार्ता विफल
बता दें कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि वापस लेने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों की मंगलवार को विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ वार्ता विफल रही, जिसके बाद छात्रों ने आंदोलन को और वृहद रूप देने की चेतावनी दी थी। छात्र संघ के उपाध्यक्ष अखिलेश यादव ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ करीब ढाई घंटे चली बैठक पूरी तरह से विफल रही। उन्होंने बताया कि बैठक में 20 छात्र शामिल हुए लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कुलपति प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव शामिल नहीं हुईं। उन्होंने बताया कि छात्रों की इस वार्ता में दो सूत्री मांग- पहली 300 प्रतिशत फीस वृद्धि को वापस लेने और दूसरी छात्र संघ को बहाल करने की थी।

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