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Hindi News भारत उत्तर प्रदेश शिवपाल यादव को लेकर बड़ा दांव चलेगी BJP, अखिलेश के बगल में बैठेंगे 'चाचा'?

शिवपाल यादव को लेकर बड़ा दांव चलेगी BJP, अखिलेश के बगल में बैठेंगे 'चाचा'?

सूत्रों के मुताबिक, भाजपा शिवपाल सिंह यादव को यूपी विधानसभा में विधानसभा उपाध्यक्ष (डिप्टी स्पीकर) की कुर्सी पर बैठा सकती है। ऐसा हुआ तो शिवपाल सिंह यादव सदन में अपने भतीजे व नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव के नजदीक ही बैठेंगे। 

Shivpal Singh Yadav, PSPL chief - India TV Hindi Image Source : PTI FILE PHOTO Shivpal Singh Yadav, PSPL chief 

Highlights

  • भाजपा शिवपाल यादव को यूपी विधानसभा में डिप्टी स्पीकर की कुर्सी पर बैठा सकती है- सूत्र
  • विधासभा उपाध्यक्ष की सीट सदन में ठीक नेता प्रतिपक्ष के बगल में ही होती है
  • शिवपाल और अखिलेश के बीच तकरार को लेकर चर्चाएं तेज हैं

Shivpal Singh Yadav News: मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल यादव की भाजपा से बढ़ती नजदीकी और बीजेपी में शामिल होने को लेकर चल रही अटकलों के बीच बड़ी खबर सामने आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा शिवपाल सिंह यादव को यूपी विधानसभा में विधानसभा उपाध्यक्ष (डिप्टी स्पीकर) की कुर्सी पर बैठा सकती है। ऐसा हुआ तो शिवपाल सिंह यादव सदन में अपने भतीजे व नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव के नजदीक ही बैठेंगे। विधासभा उपाध्यक्ष की सीट सदन में ठीक नेता प्रतिपक्ष के बगल में ही होती है। हालांकि, क्या शिवपाल इस पद को स्वीकार करने के लइए तैयार हैं, इस पर भी बड़ा सवाल बना हुआ है।

गौरतलब है कि, पिछले दिनों सपा विधायक दल की बैठक में चाचा शिवपाल को नहीं बुलाया गया था इसके बाद शिवपाल और अखिलेश के बीच तकरार को लेकर चर्चाएं तेज हुई थीं। हाल के चुनावी नतीजों के बाद अखिलेश यादव ने शिवपाल यादव को पार्टी विधायकों की बैठक में नहीं बुलाया, कहा वह तो सहयोगी संगठन हैं। जब सहयोगी संगठन की बैठक होगी, उसमें बुलाएंगे। चाचा शिवपाल को साथ रखने में अखिलेश यादव दिलचस्पी क्यों नहीं दिखा रहे? इसको लेकर भी बड़ा सवाल बना हुआ है। उधर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के रवैये से आहत विधायक शिवपाल सिंह यादव अपने समर्थकों के साथ लगातार बैठक कर रहे हैं। 

चर्चा है कि जुलाई में राज्यसभा और विधानसभा परिषद की कई सीटें खाली हो रही हैं, ऐसे में शिवपाल यदि भाजपा में जाते हैं, तो उन्हें राज्यसभा में या विधानसभा परिषद में भेजा जा सकता है। बताया जा रहा है कि भाजपा के रणनीतिकारों के पास राज्यसभा के अलावा उपाध्यक्ष बनाने का भी विकल्प है। विधानसभा में इस बार अखिलेश यादव ने बतौर नेता प्रतिपक्ष आक्रामक तेवर के संकेत दे दिए हैं। ऐसे में विधानसभा उपाध्यक्ष के तौर पर शिवपाल को बिठा भाजपा सपा प्रमुख पर मनोवैज्ञानिक दबाव बना कर बढ़त हासिल करने की कोशिश करेगी। संसदीय परंपरा के अनुसार विधानसभा अध्यक्ष सत्ता पक्ष का व उपाध्यक्ष विपक्ष का होता है।

उधर शिवपाल यादव ने सोमवार को ट्वीट कर  लिखा कि 'प्रातकाल उठि कै रघुनाथा। मातु पिता गुरु नावहिं माथा॥ आयसु मागि करहिं पुर काजा। देखि चरित हरषइ मन राजा॥ भगवान राम का चरित्र 'परिवार, संस्कार और राष्ट्र' निर्माण की सर्वोत्तम पाठशाला है। चैत्र नवरात्रि आस्था के साथ ही प्रभु राम के आदर्श से जुड़ने व उसे गुनने का भी क्षण है।'

इससे दो दिन पहले ही शिवपाल सिंह यादव ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ट्विटर पर फॉलो कर लिया था। इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा को भी फॉलो किया था। इससे पहले शिवपाल सिंह यादव पीएम और सीएमओ को ही फॉलो करते थे।  

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