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Registry in Blood Relation : ब्लड रिलेशन में रजिस्ट्री पर नहीं देना होगा स्टांप शुल्क, योगी सरकार ने किया बड़ा ऐलान

Registry in blood relation: योगी कैबिनेट ने इसे पास कर दिया है। अब केवल 6 हजार के खर्च पर लाखों-करोड़ों की प्रॉपर्टी को ट्रांसफर किया जा सकता है।

Yogi Adityanath, CM, UP- India TV Hindi Image Source : PTI/FILE Yogi Adityanath, CM, UP

Highlights

  • अब केवल 6 हजार के खर्च पर लाखों-करोड़ों की प्रॉपर्टी होगी ट्रांसफर
  • खून के रिश्ते में अगर प्रॉपर्टी करेंगे ट्रांसफर तो नहीं लगेगा स्टांप शुल्क

Registry in Blood Relation : उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की सरकार ने संपत्ति (Property) की रजिस्ट्री (Registry) को लेकर बड़ा ऐलान किया है। सरकार ने ब्लड रिलेशन (Blood Relation) में रजिस्ट्री पर स्टांप शुल्क माफ कर दिया है। यानी ब्लड रिलेशन में अगर किसी संपत्ति की रजिस्ट्री होती है तो उस पर स्टांप शुल्क नहीं देना होगा। योगी कैबिनेट ने इसे पास कर दिया है। अब केवल 6 हजार के खर्च पर लाखों-करोड़ों की प्रॉपर्टी को ट्रांसफर किया जा सकता है। 

पांच हजार रुपये के स्टांप पर रजिस्ट्री 

इससे पहले सात फीसदी तक स्टांप ड्यूटी देनी पड़ती थी।  योगी सरकार के इस फैसले के बाद केवल पांच हजार रुपये के स्टांप पर रजिस्ट्री हो जाएगी। इसके अलावा केवल एक हजार रुपये की प्रॉसेसिंग फीस देनी होगी। 

कौन-कौन लोग इस कैटेगरी में आएंगे

जानकारी के मुताबिक योगी सरकार ने परिवार के अंदर माता-पिता, पति-पत्नी, बेटा, बेटी, पुत्रवधु, दामाद, सगा भाई, सगी बहन, पोता-पोती, नाती और नातिन आएंगे। अभी तक इन लोगों को स्टांप शुल्क देना पड़ता था।

संपत्ति विवादों में आएगी कमी

उदाहरण के तौर पर अगर किसी संपत्ति की कीमत 50 लाख रुपये है तो उसकी रजिस्ट्री के लिए कम से कम 4 लाख 20 हजार रुपये खर्च करने पड़ते थे लेकिन अब सरकार के नए फैसले से यह काम महज 6 हजार रुपये में हो जाएगा। यानी 50 लाख की संपत्ति की रजिस्ट्री पर करीब 4 लाख 14 हजार रुपये बच जाएंगे। माना जा रहा है कि इस फैसले से संपत्ति विवादों में भी कमी आएगी।

पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू

आपको बता दें कि योगी सरकार ने इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया है। शुरुआत में यह योजना छह महीने के लिए लागू होगी। बाद में इसके रिस्पॉन्स को देखते हुए इसे आगे बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। इस तरह की देश योजना महाराष्ट्र, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में पहले से लागू है।

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