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Hindi News भारत उत्तर प्रदेश Supertech Twin Towers: ट्विन टावर गिरने के बाद क्या अब क्या करेगी सुपरटेक कंपनी, कितना हुआ नुकसान?

Supertech Twin Towers: ट्विन टावर गिरने के बाद क्या अब क्या करेगी सुपरटेक कंपनी, कितना हुआ नुकसान?

Supertech Twin Towers: कंपनी ने पहले प्रेस रीलीज करके कहा था कि हम 70 हजार फ्लैट्स बना चुके हैं और डिलिवर भी कर चुके हैं। ऐसे में 952 फ्लैट्स वाले ट्विन टावर के गिरने से कंपनी के बाकी प्रोजेक्ट्स पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

Supertech Twin Tower demolition- India TV Hindi Image Source : INDIA TV Supertech Twin Tower demolition

Highlights

  • 500 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है सुपरटेक को
  • सुपरटेक कंपनी को नकदी का है संकट
  • करीब 80 हजार टन मलबा हटाने में लगेंगे तीन महीने

Supertech Twin Towers: सुपरटेक ग्रुप के चेयरमैन आरके अरोड़ा को विश्वास है कि ​इन ट्विन टावर के गिरने से उनके दूसरे प्रोजेक्ट्स पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। कंपनी ने पहले प्रेस रीलीज करके कहा था कि हम 70 हजार फ्लैट्स बना चुके हैं और डिलिवर भी कर चुके हैं। ऐसे में 952 फ्लैट्स वाले ट्विन टावर के गिरने से कंपनी के बाकी प्रोजेक्ट्स पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। दरअसल, कंपनी के कुल निर्माणाधीन औश्र डिलिवर किए जाचुके करीब फ्लैट्स की करीब एक फीसदी की हिस्सेदारी ही ट्विन टावर्स के पास थी। आरके अरोड़ा के अनुसार कंपनी 70 हजार फ्लैट्स दे चुकी है और 20 हजार फ्लैट्स बनाए जा रहे हैं। यानी कंपनी ने कुल 90 हजार फ्लैट्स अब तक बनाए हैं और ट्विन टावर्स में 952 फ्लैट्स थे, जो ​कुल फ्लैट्स का एक प्रतिशत ही हुआ। 

500 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है सुपरटेक को

वहीं ट्विन टावर्स बनाने और राशि रिफंड करने में कंपनी को 500 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। ऐसे में 5 फीसदी हिस्सेदारी अकेले ट्विन टावर्स की ही थी। ये रकम हालांकि छोटी नहीं मानी जा सकती, न ही 5 फीसदी नुकसान को छोटा माना जा सकता है। यानी कंपनी भले ही कितने भी दावे करे और पजेशन देने में भी सफल हो जाए, लेकिन अब आगे काम की ग​ति इस तरह नहीं रह पाएगी। दूसरा, कंपनी की साख  भी ट्विन टावर्स के गिरने के बाद प्रभावित हुई हैै।

सुपरटेक कंपनी को इस बात का है संकट

आरके अरोड़ा की मानें तो कंपनी के पास नकदी यानी कैश का संकट है। ऐसे में बाकी बचे 20 हजार अपार्टमेंट्स जो करीब 80 फीसदी तक बन चुके हैं, उन्हें पूरा करने के लिए वो फंडिंग की व्यवस्था करने में जुटी ळै। इस कारण रीयल एस्टेट की अपनी परेशानियों के चलते उन्हें थोड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। 

करीब 80 हजार टन मलबा हटाने में लगेंगे तीन महीने

गौरतलब है कि ट्विन टावर में 40 मंजिलें और 21 दुकानों समेत 915 आवासीय अपार्टमेंट प्रस्तावित थे। इन ढांचों को ध्वस्त किये जाने से पहले इनके पास स्थित दो सोसाइटी एमराल्ड कोर्ट और एटीएस विलेज के करीब 5,000 लोगों को वहां से हटा दिया गया। इसके अलावा, करीब 3,000 वाहनों और बिल्ली-कुत्तों समेत 150-200 पालतू जानवरों को भी हटाया गया। अनुमान के मुताबिक, ट्विन टावर को गिराने के बाद इससे उत्पन्न हुए 55 से 80 हजार टन मलबा हटाने में करीब तीन महीने का समय लगेगा। गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने 31 अगस्त 2021 में ट्विन टावर को गिराने का आदेश दिया था। न्यायालय ने कहा था कि जिले के अधिकारियों की सांठगांठ के साथ भवन नियमों का उल्लंघन किया गया। 

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