जम्मू और कश्मीर सरकार ने 775 स्थानों पर मोबाइल टावर लगाने के आदेश जारी किए हैं। इन इलाकों में अभी तक यह सुविधा नहीं पहुंची है। केंद्र शासित प्रदेश के सीमावर्ती, पहाड़ी और सुदूर क्षेत्रों में 4जी मोबाइल नेटवर्क मुहैया कराने के लिए यह कदम उठाया गया है। मोबाइल टावर उन गांवों में लगाए जा रहे हैं, जहां अब तक 4जी नेटवर्क सेवा नहीं पहुंची है। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव पीयूष सिंगला ने कहा कि यह परियोजना केंद्र के सार्वभौमिक सेवा दायित्व कोष (यूएसओएफ) के तहत कार्यान्वित की जा रही है।
पीयूष सिंगला ने बताया कि इस परियोजना में भारतीय संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में कार्य कर रहा है। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि सिंगला ने बृहस्पतिवार को यहां मुख्य सचिव अटल दुल्लू की अध्यक्षता में आयोजित 10वीं राज्य ब्रॉडबैंड समिति की बैठक के दौरान यह जानकारी दी।
पहले ही आवंटित हो चुकी है जमीन
प्रवक्ता ने बताया कि यह बैठक जम्मू-कश्मीर में कार्यान्वित की जा रही प्रमुख डिजिटल अवसंरचना पहलों की स्थिति की समीक्षा करने के लिए बुलाई गई थी, जिनमें 4जी परियोजना, संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (एबीपी), 5जी की तैयारी, ‘कॉल बिफोर यू डिग’ (सीबीयूडी) और अन्य संबद्ध दूरसंचार परियोजनाएं शामिल हैं। सचिव ने बताया कि चिह्नित सभी 775 स्थानों पर भूमि पहले ही आवंटित की जा चुकी है और विद्युत विकास विभाग (पीडीडी) के सहयोग से अधिकांश स्थलों पर बिजली की आपूर्ति की जा चुकी है।
31 मार्च तक लगाए जाएंगे 269 टावर
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कार्यान्वयन एजेंसियों से मोबाइल टावर की स्थापना और इन्हें चालू करने के कार्यों में और तेजी लाने को कहा। उन्होंने विशेष रूप से 31 मार्च तक स्थापित किये जाने वाले 269 टावर के काम में तेजी लाने और शेष स्थानों के लिए अनुमोदन प्रक्रिया को गति देने का आह्वान किया।
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