शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान के लिए चुना गया है। रविवार को केंद्र सरकार ने इसकी घोषणा की। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के सह-संस्थापक शिबू सोरेन ने आदिवासियों के उत्थान के लिए उल्लेखनीय काम किया है। शिबू सोरेन के बेटे और जेएमएम विधायक बसंत सोरेन ने इस सम्मान के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "मैं इस फैसले के लिए केंद्र सरकार का आभारी हूं। सरकार को उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने पर भी विचार करना चाहिए।"
जेएमएम सांसद महुआ माजी ने इस बात पर निराशा व्यक्त की कि सरकार ने शिबू सोरेन को भारत रत्न से सम्मानित नहीं किया और केंद्र से इस पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया।
महुआ मांझी ने भारत रत्न की मांग की
महुआ मांझी ने कहा, “डिशोम गुरु शिबू सोरेन का कद इतना ऊंचा था कि उनसे बड़ा कोई सम्मान नहीं। हमने उनके लिए भारत रत्न की मांग की थी। हमारे सभी नेता और कार्यकर्ता चाहते थे कि उन्हें भारत रत्न मिले, लेकिन चूंकि उन्हें भारत रत्न के बजाय पद्म भूषण दिया गया है, इसलिए थोड़ी निराशा है। हम चाहते हैं कि इस पर पुनर्विचार किया जाए और उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया जाए।” उन्होंने आगे कहा, "खैर, हम आभारी हैं कि उन्हें पद्म भूषण के लिए चुना गया है, लेकिन सभी के दिलों में थोड़ी निराशा है क्योंकि हम भारत रत्न की उम्मीद कर रहे थे।"
पिछले साल हुआ था निधन
शिबू सोरेन का निधन 4 अगस्त, 2025 को हुआ था। 81 वर्ष की आयु में लंबी बीमारी के बाद उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। उन्होंने 38 वर्षों तक झारखंज मुक्ति मोर्चा का नेतृत्व किया और झारखंड के तीसरे मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। अपने चार दशक लंबे राजनीतिक जीवन में वे आठ बार लोकसभा के लिए चुने गए और दो बार राज्यसभा में भी अपनी सेवाएं दीं। सोरेन के साथ-साथ सरकार ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री वी.एस. अच्युतानंदन (मरणोपरांत), भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय कुमार मल्होत्रा (मरणोपरांत), महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी को भी पद्म विभूषण से सम्मानित करने की घोषणा की। केंद्र सरकार ने रविवार को पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री श्रेणियों के अंतर्गत कुल 131 नागरिक सम्मानों की घोषणा की। इस सूची में सार्वजनिक जीवन, कला, सिनेमा, साहित्य, खेल और सार्वजनिक मामलों से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियां शामिल हैं।
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