क्या आपकी दाल कभी ज़्यादा गाढ़ी तो कभी बिल्कुल फीकी बन जाती है? कई बार सही दाल, मसाले और पानी होने के बावजूद स्वाद वैसा नहीं आता, जैसा घर की परफेक्ट दाल में होना चाहिए। दरअसल, दाल का असली स्वाद सिर्फ मसालों से नहीं, बल्कि प्रेशर कुकर में सही सिटी और पकाने के तरीके से भी तय होता है। अगर दाल कम पकी होगी तो दाने सख्त रह जाएंगे, और ज़्यादा सिटी पड़ गई तो स्वाद और टेक्सचर दोनों बिगड़ सकते हैं। ऐसे में जानना ज़रूरी है कि कौन-सी दाल कितनी सिटी में उतारनी चाहिए, ताकि हर बार दाल बने स्वादिष्ट, खुशबूदार और एकदम परफेक्ट। नीचे जानिए दाल बनाने के आसान टिप्स और ट्रिक्स, जो आपके रोज़ के खाने का स्वाद कई गुना बढ़ा देंगे।
प्रेशर कुकर में दाल पकाने के टिप्स
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खाना बनाने के लिए 6 लीटर क्षमता वाला प्रेशर कुकर का चुनाव करें। इससे दाल और पानी अच्छी तरह से घूम पाते हैं।
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पकाने से पहले दाल को अच्छी तरह से धो लें ताकि कोई भी गंदगी या कचरा निकल जाए। दाल और पानी को 1:3 के अनुपात में डालें, यानी 1 हिस्सा दाल और 3 हिस्से पानी।
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दाल को मध्यम आंच पर 3-4 सीटी आने तक पकाएं। भीगी हुई मूंग/मसूर दाल 2-3 सीटी में, जबकि अरहर/चना दाल 4-5 सीटी में पकती है।
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अगर दाल झाग मारती है, तो कुकर में स्टील की छोटी कटोरी उल्टी रख दें झाग ऊपर नहीं आएगा और दाल ओवरफ्लो नहीं होगी।।
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सिटी आने के बाद आंच धीमी कर दें और गैस बंद कर दें। अब ढक्कन खोलने से पहले 5-10 मिनट तक प्रेशर को अपने आप निकलने दें। इससे दाल गाढ़ी और मलाईदार बनती है साथ ही अंदर तक पकती है।
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अगर दाल ज़्यादा गाढ़ी लगे, तो पकने के बाद थोड़ा और पानी डालकर कंसिस्टेंसी एडजस्ट करें।
प्रेशर कुकर में दाल पकाने के फायदे
दाल को स्टोव पर नरम होने में काफी समय लग सकता है। प्रेशर कुकिंग से खाना पकाने का समय आधे से भी कम हो जाता है। तेज़ी से खाना पकाने में एक घंटे से ज़्यादा समय तक खुले बर्तन में उबालने की तुलना में कम ऊर्जा लगती है। उबालने की तुलना में प्रेशर में पकाने से ज़्यादा विटामिन और मिनरल बने रहते हैं। प्रेशर वाला माहौल दाल में मसालों का ज़्यादा स्वाद डालता है और इसका स्वाद और भी अच्छा हो जाता है।
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