सीड्स खाने का सही तरीका क्या है, बीजों को कितनी देर भिगोकर खाना चाहिए?
Why Soaked Seeds Before Eating: अगर आप भी चिया सीड्स, अलसी के बीज, काजू बादाम या अखरोट खाते हैं तो ये खबर आपके लिए है। जान लीजिए आयुर्वेद के हिसाब से बीज और मेवे खाने का सबसे सही तरीका क्या है। सभी तरह के बीज और मेवे भिगोकर क्यों खाने चाहिए?
आजकल हर तरह के बीज खाने का ट्रेंड बढ़ रहा है। सेहत के लिए चिया सीड्स, अलसी के बीज, खरबूज तरबूज के बीज, कद्दू के बीज के अलावा और भी कई तरह से बीज फायदेमंद होते हैं। डॉक्टर भी रोजाना कुछ बीज खाने की सलाह देते है। रूटीन डाइट में सीड्स शामिल करने से बालों का झड़ना कम होता है। बीजों में हेल्दी फैट्स होते हैं और विटामिन पाए जाते हैं। जिससे आपकी सेहत में सुधार आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं बीज खाने का बेस्ट तरीका क्या है। क्या सभी तरह के बीज और ड्राई फ्रूट्स भिगोकर ही खाने चाहिए?
सीड्स खाने का सही तरीका क्या है?
दरअसल आयुर्वेद के हिसाब से बीजों को भिगोकर खाना सबसे अच्छा माना जाता है। इसके पीछे वजह बताई जाती है कि जिस भी पेड़ या पौधा का बीज खाने में इस्तेमाल किया जाता है, उस बीज में सभी पोषक तत्व एक सूक्ष्म रूप में इकठ्ठे हो जाते हैं। यानी इन बीज में जो भी पोषण हैं वो कंडेन्स्ड फॉर्म में है या कहें तो सारा न्यूट्रिशन एक तरह से सिकुड़कर बीज में एकत्र हो गया है। ऐसे में उस बीज का पूरा फायदा लेने के लिए उसे पानी में भिगोना सबसे जरूरी है ताकि उसमें मौजूद सभी पोषक तत्व एक लाइव फॉर्म यानी जीवंत अवस्था में आ जाएं।
बीजों को कितनी देर भिगोकर खाना चाहिए?
बीज खाने से पहले उन्हें भिगोकर रखना जरूरी है। आप बीजों को अधिकतम 6-8 घंटे भिगो सकते हैं । अगर समय की कमी है तो कम से कम 2 घंटे बीज को जरूर भिगोएं। बीज खाने से पहले एक और बात जरूर ध्यान रखें। बीजों को भिगोने से पहले अच्छी तरह धो लें। कई बार बीजों की शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए उन पर कई तरह के प्रेजर्वेटिव भी लगाए जाते हैं।
ड्राई फ्रूट्स खाने का सही तरीका क्या है?
बीज वाला यही फॉर्मूला हर तरह के मेवों पर भी लागू होता है। खाने से पहले काजू, बादाम, अखरोट, किशमिश, अंजीर, आलूबुखारा, पिस्ता और बाकी ड्राई फ्रूट्स को भी अच्छी तरह वॉश करके कुछ घंटे पानी में जरूर भिगोएं। इस तरीके से उनकी एनर्जी जो इकठ्ठा हो रखी है वो एक्टिव हो जाती है।
मेवा और बीज भिगोकर खाने के फायदे
बीज और मेवा को भिगोकर खाने से उनकी तासीर बदल जाती है। सूखे मेवे और बीज सीधे खाने पर गरम तासीर के माने जाते हैं, लेकिन अगर उनको भिगोकर खाया जाए तो ये ठंडक देते हैं। बीज और मेवा को भिगोकर खाने से इन्हें पचाना आसान हो जाता है, जिससे ये जल्दी पच जाते हैं और ज्यादा फायदा देते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
