गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडा रखने और ऊर्जा बनाए रखने के लिए लोग कई तरह की देसी चीजों का सेवन करते हैं। इन्हीं में से एक है गोंद और गोंद कतीरा, जिन्हें अक्सर एक जैसा समझ लिया जाता है। हालांकि दिखने में ये दोनों थोड़े मिलते-जुलते हो सकते हैं, लेकिन इनके गुण, इस्तेमाल और फायदे अलग-अलग होते हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि गोंद और गोंद कतीरा में क्या अंतर होता है, गर्मी में किसका सेवन करना बेहतर है और इन दोनों की पहचान कैसे की जा सकती है।
गोंद के फायदे और सेवन का तरीका
-
गोंद बबूल या कीकर जैसे 'अकेशिया' (Acacia) प्रजाति के पौधों से मिलता है। यह छोटे, चमकदार और भूरे-पीले रंग के क्रिस्टल जैसा होता है इसकी तासीर गर्म होती है। इसका मतलब है कि यह शरीर को गर्मी या गर्माहट देता है, इसलिए इसे ज़्यादातर सर्दियों में खाया जाता है।
-
जब इसे पानी में भिगोया जाता है, तो यह अपने आप घुल जाता है। जब इसे गर्म तेल में तला जाता है, तो यह पॉपकॉर्न की तरह फूल जाता है। गोंद से बनने वाली कुछ रेसिपी हैं: गोंद के लड्डू, पंजीरी आदि।
-
कैल्शियम और प्रोटीन से भरपूर होने के कारण यह शरीर को ताकत और पोषण देता है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता और सहनशक्ति को बढ़ाता है, साथ ही तंत्रिका तंत्र को भी मज़बूत बनाता है।
गोंद कतीरा के फायदे और सेवन का तरीका
-
गोंद कतीरा सफेद या हल्के पीले रंग के क्रिस्टल जैसा होता है इसकी तासीर ठंडी होती है। इसका मतलब है कि यह शरीर को ठंडक देता है और शरीर की गर्मी को कम करता है, इसलिए इसे केवल गर्मियों में ही खाया जाता है।
-
जब इसे पानी में भिगोया जाता है, तो यह गोंद की तरह घुलता नहीं है, बल्कि पानी को सोखकर अपने मूल आकार से कई गुना ज़्यादा फूल जाता है।
-
इसे ज़्यादातर पेय (शरबत) के रूप में पिया जाता है, जिसे 'गोंद कतीरा शरबत' कहते हैं; आप इसे दही या लस्सी में भी मिलाकर खा सकते हैं। इसे सुबह के समय पीना चाहिए।
-
गोंद कतीरा को इस्तेमाल करने से पहले, इसे हमेशा कुछ घंटों के लिए पानी में भिगोकर रखा जाता है, जब तक कि यह जेली जैसा न बन जाए।
-
गोंद कतीरा के कुछ लाभ इस प्रकार हैं: यह गर्मियों की तेज़ गर्मी से राहत देता है, और गर्मियों में होने वाली नकसीर, 'हीट स्ट्रोक' से बचाव करता है।
Latest Lifestyle News