सहजन के पत्तों से बनी थालीपीठ में प्रोटीन, कैल्शियम और आयरन समेत कई पोषक तत्वों की अच्छी खासी मात्रा पाई जाती है। मोरिंगा थालीपीठ को नारियल की चटनी या फिर गुड़ के साथ सर्व किया जाता है। इस डिश को बनाने के लिए आपको डेढ़ कप फ्रेश सहजन के पत्ते, डेढ़ कप रागी का आटा, एक बड़ा स्पून तिल का तेल, एक छोटी स्पून राई, एक छोटी स्पून धुली हुई उड़द की दाल, एक छोटी स्पून चना दाल, 2 बारीक कटी हुई हरी मिर्च, एक बड़ा स्पून सफेद तिल, नमक, एक कटी हुई सूखी लाल मिर्च और एक बारीक कटा हुआ प्याज चाहिए होगा।
फॉलो करें ये प्रोसीजर
सबसे पहले तड़का तैयार कर लीजिए। इसके लिए एक नॉन स्टिक पैन में तिल के तेल को गर्म कर इसमें राई, उड़द की दाल और चने की दाल को लाइट गोल्डन होने तक भून लीजिए और फिर गैस बंद कर दीजिए। इसके बाद एक बड़े कटोरे में रागी का आटा, हरी मिर्च, सफेद तिल, नमक, सूखी लाल मिर्च, बारीक कटा हुआ प्याज और ताजे सहजन के पत्ते निकाल लीजिए। अब आपको इसी कटोरे में तड़के को अच्छी तरह से मिला लेना है।
मोरिंगा थालीपीठ की रेसिपी
अब आपको लगभग हाफ कप गुनगुने पानी से आटे को अच्छी तरह से गूंथ लेना है। आटा ज्यादा गीला नहीं होना चाहिए और थोड़ा नरम होना चाहिए। गैस पर नॉन स्टिक तवा चढ़ा दीजिए। आपको अपने हाथों को गीला कर लेना है और फिर आटे के एक हिस्से को तवे पर फैलाते हुए एक पतली टिक्की की शेप दे देनी है। अब इस टिक्की में छोटे-छोटे छेद कर दीजिए। आपको इस टिक्की के चारों तरफ और ऊपर थोड़ा-थोड़ा तेल लगा लेना है।
सर्व करें पोषक तत्वों से भरपूर ये डिश
आपको इस पतली टिक्की को मीडियम फ्लेम पर लगभग 2 मिनट तक पकाना है। अब आपको टिक्की को दूसरी तरफ से भी सेंक लेना है। इसी प्रोसीजर को फॉलो कर आप बाकी थालीपीठ भी बना सकते हैं। आप मोरिंगा थालीपीठ को नारियल की चटनी और गुड़ के साथ सर्व कर सकते हैं। सहजन के पत्तों से बनी इस थालीपीठ को दही या फिर अचार के साथ भी सर्व किया जा सकता है।
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