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इस शहर में खाते हैं लोग लाल चींटियों की चटनी, यह रेसिपी मानी जाती है बेहद पौष्टिक, जानें बनाने का तरीका

How To Make Red Ant Chutney: आदिवासी क्षेत्रों में लाल चींटियों की चटनी बड़ी चाव से खाया जाता है। एक्पर्ट्स का मानना है कि लाल चींटी की चटनी सेहत के लिए बेहद ही फायदेमंद होता है।

लाल चींटियों की चटनी- India TV Hindi
Image Source : YOUTUBE - @NIRRMLANEHHRA लाल चींटियों की चटनी

हम लोगों के लिए यह बेहद अजीब है लेकिन भारत में ऐसे कई राज्य हैं जहां लोग लाल चींटी की चटनी खाते हैं। भारत में लाल चींटियों की चटनी खास तौर पर ओडिशा और आसपास के आदिवासी इलाकों में खाई जाती है। इसे स्थानीय भाषा में “काई चटनी” कहा जाता है। यह परंपरागत व्यंजन न सिर्फ स्वाद में अनोखा होता है, बल्कि इसे बेहद पौष्टिक भी माना जाता है। चलिए जानते हैं इसे कैसे बनाएं?

कौन लोग खाते हैं लाल चींटी की चटनी?

बता दें, लाल चींटी की चटनी मुख्य रूप से ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और पश्चिम बंगाल के आदिवासी समुदायों द्वारा खाई जाती है। यह मयूरभंज (ओडिशा) और बस्तर (छत्तीसगढ़) के जंगलों में रहने वाले लोगों का पारंपरिक व्यंजन है, जिसे औषधीय गुणों के लिए खाया जाता है। उनके अनुसार, चींटियों की चटनी हमारे स्वास्थ्य के लिए भी बहुत ही फायदेमंद होती है।

लाल चींटी की चटनी के लिए सामग्री:

लाल चींटियां (अंडों सहित), लहसुन, अदरक, हरी या सूखी लाल मिर्च, नमक, थोड़ा सा टमाटर

कैसे बानाते हैं लाल चींटी की चटनी?

  • पहला स्टेप: सबसे पहले चींटियों को साफ करके धो लें। यह सबसे सावधानी वाला स्टेप होता है। इसे बनाने और खाने से पहले अच्छी तरह साफ करना जरूरी है।

  • दूसरा स्टेप: एक पैन में हल्का सा भून लें ताकि उनकी कच्ची गंध खत्म हो जाए।

  • तीसरा स्टेप: अब लहसुन, अदरक, मिर्च और नमक के साथ सिलबट्टे या मिक्सर में पीस लें।

  • चौथा स्टेप: चाहें तो थोड़ा टमाटर डालकर हल्का खट्टापन बढ़ा सकते हैं।

  • पाचवां स्टेप: तैयार है आपकी खट्टी-तीखी लाल चींटी की चटनी।

सेहत के लिए फायदेमंद होती हैं लाल चींटियां:

एक्पर्ट्स की मानें तो चींटियों प्रोटीन, कैल्शियम, जिंक, विटामिन बी-12 और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं। इनके सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, दृष्टि में सुधार होता है और मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को फायदा पहुंचता है।

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