मां दुर्गा की इस कारण बनाई जाती है रात में आंखें, जानें मूर्तिकार से माता के बारें में अनसुनी बातें
कोई कहता कि मूर्तियों को बनाने के लिए तवायफ के घर के बाहर से मिट्टी आती हैं तो कोई कहता दुर्गा जी की मूर्तियों की आँखे कारीगर सिर्फ रात में बनाते हैं। जानें क्या है हकीकत

मैंने बातों ही बातों में गोविन्दो से पूछा मूर्तियों के पीछे का सच, तब उन्होंने कहा की पहले मूर्तियों के लिए विशेष मिट्टी का इस्तेमाल किया जाता था... पर अब हम यही हरियाणा की मिट्टी का इस्तेमाल करते हैं। वही मां दुर्गा की मूर्ति की आंखे रात में सिर्फ इसलिए बनाई जाती हैं ताकि कोई डिस्टर्ब ने करे।
बात जब कारीगरों की मज़दूरी की आई तब गोविन्दों जी बड़ी संजीदगी से कहा की काम तो 12 महीने मिलता हैं पर सही मज़दूरी नहीं मिल पाती जिसकी वजह से कारीगरों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता हैं।
पर सबसे अहम सवाल था विसर्जन का हमने अभी बहुत सी गणेश विसर्जन कि वायरल वीडियो देखने को मिली जिसमे गणेश जी कि मूर्तियां फेंकी जा रही थी। कुछ मूर्तियां समुद्र, नदियों के बाहर कचरे में फेंकी हुई दिखीं.. इसपर गोविन्दों जी ने कहा की हम कोशिश कर रहे हैं हमारी मूर्तियां Eco-फ्रैंडली ही बने। जिस कारण हम बेहतर रंगों का इस्तेमाल करते हैं जिससे पर्यावरण को नुकसान कम पहुंचे।