ट्विशा शर्मा मौत मामले में आरोपी सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को कैदी नंबर 71 बनाया गया है। आरोपी पुत्र समर्थ सिंह को जेल में कैदी नंबर 1782 का बिल्ला मिला है। रिटायर्ड जज और सुरक्षा के दृष्टिकोण से गिरिबाला सिंह को महिला बैरक में निगरानी में रखा गया है। आरोपी पुत्र समर्थ सिंह को ब-खंड बैरक अस्पताल में निगरानी में रखा गया है।
गिरिबाला सिंह के साथ 4 अन्य महिला कैदी
गिरिबाला को महिला बैंक के मेडिकल खंड में रखा गया है। उनके साथ चार अन्य महिला कैदी भी हैं। गिरिबाला को जेल रिकॉर्ड में उन्हें आमद नंबर 71 दिया गया है। समर्थ का आमद नंबर 1782 दिया गया है।
समर्थ के साथ बैरक में 15 अन्य कैदी
समर्थ को सेंट्रल जेल की बैरक नंबर चार की ब खंड में रखा गया है। इस बैरक में 15 अन्य कैदी भी शामिल हैं। जेल प्रबंधन ने नियमों के तहत गिरिबाला और समर्थ को एक-एक थाली कटोरी और चादर दी है।
दोनों को भोपाल सेंट्रल जेल में रखा गया
CBI की विशेष अदालत ने ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह और सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा है। कोर्ट ने दोनों को 16 जून तक न्यायिक हिरासत में भोपाल सेंट्रल जेल भेजने का आदेश दिया है।
न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट मंगलवार को उस समय एक नाटकीय दृश्य में तब्दील हो गया, जब अपनी मॉडल बहू ट्विशा शर्मा को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह ने अपने बेटे समर्थ सिंह के साथ 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने से पहले भावुक अपील की।
दोनों को कोर्ट में किया गया पेश
यह नाटकीय दृश्य शोभना भालावे की कोर्ट में उस समय सामने आया, जब सीबीआई ने 33 वर्षीय पूर्व अभिनेत्री-मॉडल ट्विशा की मौत के संबंध में पूछताछ पूरी होने के बाद सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को पेश किया।
16 जून तक न्यायिक हिरासत
सीबीआई ने एक औपचारिक आवेदन दाखिल करते हुए कहा कि उसकी जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा, जिसमें दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का फोरेंसिक विश्लेषण शामिल है, अभी भी लंबित है। इसके कारण दोनों को 16 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजना आवश्यक है।
फांसी के फंदे पर लटकी मिली थी ट्विशा
ट्विशा शर्मा राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में 12 मई को अपने ससुराल में कथित तौर पर फांसी पर लटकी मिली थीं। सीबीआई ने सोमवार को शर्मा की मौत मामले की जांच अपने हाथों में ले ली थी। सीबीआई ने मामले को हाथ में लेने के बाद फिर से प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसमें समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को मेन आरोपी बना गया था। जो कि अब दोनों जेल में हैं।
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