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Hindi News महाराष्ट्र ED Raid on Anil Parab: महाराष्ट्र के मंत्री अनिल परब के 7 ठिकानों पर एकसाथ ED ने मारे छापे, करोड़ों की रिश्वत लेने का आरोप

ED Raid on Anil Parab: महाराष्ट्र के मंत्री अनिल परब के 7 ठिकानों पर एकसाथ ED ने मारे छापे, करोड़ों की रिश्वत लेने का आरोप

ED Raid on Anil Parab:  महाराष्ट्र में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मंत्री एवं शिवसेना नेता अनिल परब और अन्य के खिलाफ धन शोधन से जुड़े मामले की जांच के तहत महाराष्ट्र में कई स्थानों पर छापे मारे।

Anil Parab- India TV Hindi Image Source : ANI FILE PHOTO Anil Parab

Anil Parab: महाराष्ट्र में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मंत्री एवं शिवसेना नेता अनिल परब और अन्य के खिलाफ धन शोधन से जुड़े मामले की जांच के तहत महाराष्ट्र में कई स्थानों पर छापे मारे। अनिल परब के खिलाफ करोड़ों रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है। ईडी ने इसी मामले में 7 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है।

शिवसेना नेता अनिल परब के खिलाफ अंबानी बम धमकी मामले में गिरफ्तार मुंबई पुलिस के पूर्व एपीआई सचिन वाजे ने कई आरोप लगाए। जिसमें सबसे बड़ा आरोप ये था कि अनिल परब कई मामलों में करोड़ों की रिश्वत लिया करते थे, उनके खिलाफ करीब 50 करोड़ रुपये की वसूली के आरोप लगाए गए। 

क्या है मामला

दरअसल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रत्नागिरी जिले के तटीय दापोली इलाके में भूमि सौदे में कथित अनियमितताओं और अन्य आरोपों को लेकर महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री अनिल परब व अन्य के खिलाफ धनशोधन मामले की जांच के तहत राज्य में गुरुवार को कई स्थानों पर छापे मारे। 

पहले भी पड़ा था छापा

गौरतलब है कि इससे पहले बीते 8 मार्च 2022 के महीने में भी शिवसेना के नेता मंत्री आदित्य ठाकरे और मंत्री अनिल परब के कई करीबियों पर इनकम टैक्स विभाग ने छापे की कार्रवाई की थी। तब मुंबई और पुणे में आईटी की रेड शिवसेना नेताओं के करीबियों पर चल रही थी। वहीं तब इस कार्यवाही को लेकर शिवसेना के राज्यसभा सदस्य संजय रावत ने केंद्रीय एजेंसियों पर और केंद्र सरकार पर सवाल उठाए थे। रावत ने दावा करते हुए चेताया था कि मुंबई पुलिस ईडी अधिकारियों की सांठगांठ से आपराधिक सिंडिकेट और रंगदारी रैकेट की जांच शुरू करेगी।

बता दें कि इससे पहले भी करीब 8 महीने पहले यानी बीते 2021 को महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री अनिल परब मनी लांड्रिंग के एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश हुए थे।