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Hindi News महाराष्ट्र एनसीपी नेता जितेंद्र आव्हाड पर भड़के अन्ना हजारे, कहा- 'उनके खिलाफ दायर करूंगा मानहानि का केस'

एनसीपी नेता जितेंद्र आव्हाड पर भड़के अन्ना हजारे, कहा- 'उनके खिलाफ दायर करूंगा मानहानि का केस'

महाराष्ट्र सरकार के पूर्व मंत्री और एनसीपी नेता जितेंद्र आव्हाड ने सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे पर हमला बोलते हुए कहा था कि उनकी वजह से देश को भारी नुकसान हुआ है। अब इस पर अन्ना हजारे ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

NCP, Jitendra Awhad, Anna Hazare- India TV Hindi Image Source : INDIA TV एनसीपी नेता जितेंद्र आव्हाड पर भड़के अन्ना हजारे

मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी जीतेन्द्र अव्हाड और सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। दरअसल एनसीपी नेता जीतेंद्र ने आरोप लगाया था कि अन्ना हजारे की वजह से देश को बड़ा नुकसान हुआ है। इसके बाद पत्रकारों से बात करते हुए अन्ना हजारे ने कहा कि अगर मेरे कारण देश को नुकसान हुआ है तो उन्हीं की वजह से तमाम लोगों को फायदा भी हुआ है। इसके साथ ही अन्ना हजारे ने कहा कि उनके खिलाफ मैं कोर्ट में केस दर्ज कराऊंगा।

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने कहा, "अगर मेरे कारण देश को नुकसान हुआ है तो मेरे ही कारण देश में कई ऐसे कानून भी बने हैं, जिनसे लोगों को फायदा हुआ है। बहुत फायदा हुआ है। हां, मैं इस बात को खारिज नहीं कर रहा हूं कि मेरे कई आंदोलन के कारण उनके कई कार्यकर्ताओं को नुकसान हुआ है। मेरे कारण उनके कई लोगों को घर पर बैठना पड़ गया। मेरे कारण ही यह नुकसान हुआ है और शायद वह इसे झेल नहीं सकते। हालांकि, कुछ लोगों का काम ही है कि वह मेरे ऊपर झूठे आरोप लगाएं। मुझे बदनाम करें लेकिन मुझे इससे फर्क नहीं पड़ता।"

उन्होंने कहा कि उन्होंने मुझपर झूठे आरोप लगाकर बदनाम करने की कोशिश की है। अब मैं उनके खिलाफ मानहानि का केस करूंगा। वहीं अन्ना हजारे की इस प्रतिक्रिया के बाद जीतेन्द्र अव्हाड ने एक ट्वीट करते हुए कहा कि सुनने में आय है कि अन्ना हजारे जाग गए हैं। चलिए देखते हैं कि वह कल जागते हैं या नहीं। 

बता दें कि यूपीए-2 के कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना हजारे ने झंडा बुलंद किया था। उनकी मांग थी कि केंद्र सरकार जनलोकपाल कानून लाये, जिससे इस देश में भ्रष्टाचार समेत कई दिक्कतें समाप्त हो जाएंगी। उस समय उनके इस आंदोलन से अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत कई नेता उभरकर सामने आये थे। आंदोलन के बाद ही कई लोगों ने मिलकर आम आदमी पार्टी का गठन किया था।