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बागेश्वर बाबा ने किया मराठा आरक्षण को समर्थन का ऐलान, धीरेंद्र शास्त्री ने कही ये बात

मराठा समुदाय के लोगों के लिए आरक्षण का मुद्दा इस वक्त महाराष्ट्र की सड़क से लेकर सियासत तक गर्म है। लेकिन मराठा आरक्षण को लेकर अब बागेश्वर बाबा ने भी बयान दिया है। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मराठा आरक्षण को समर्थन देने का ऐलान किया है।

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Image Source : X (BAGESHWAR DHAM) बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री

महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण का मुद्दा पिछले कुछ दिनों से गरमाया हुआ है। इस बीच अपने एक कार्यक्रम के लिए पुणे आए बागेश्वर बाबा पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मराठा आरक्षण पर टिप्पणी की है। बागेश्वर महाराज ने मराठा आरक्षण को समर्थन देने का ऐलान किया है। धीरेंद्र शास्त्री ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि हम मराठाओं के साथ हैं। मैं मराठा आरक्षण का समर्थन करता हूं। उन्होंने यह भी कहा कि वह लोगों को सनातन संस्कृति के प्रति जागरूक करने आये हैं। इस दौरान वह कार्यक्रम का विरोध करने वालों पर भी भड़के। 

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने क्या कहा?

पुणे में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए बागेश्वर महाराज धीरेंद्र शास्त्री ने उनका विरोध करने वाली अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों को कौन रोकेगा। उन्होंने मीडिया से बातचीत में यह भी कहा कि अब तक केवल दो राजनेता ही आम लोगों के सवाल लेकर मेरे पास आए हैं। धीरेंद्र शास्त्री यानी बागेश्वर महाराज ने भी पहले मराठा आरक्षण को लेकर अपना रुख जाहिर किया था। उन्होंने कहा कि मन की बात जानना अलग है और अधिकार की बात करना अलग है। जब भारत गुलामी में था तब मराठों ने वीरता दिखाकर आजादी दिलाई। इसलिए बागेश्वर पीठ मराठा समाज के पास है। बागेश्वर बाबा ने कहा है कि उन्हें आरक्षण मिलना चाहिए।

"मराठा आरक्षण आंदोलन ‘निर्णायक चरण’ में पहुंचा"

वहीं इस मामले पर सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने सोमवार रात घोषणा की कि मराठा समुदाय के लोगों के लिए आरक्षण के समर्थन में 1 दिसंबर से महाराष्ट्र के सभी गांवों में क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा। उन्होंने राजनीतिक दलों पर समुदाय को आरक्षण के लाभ से वंचित करने की साजिश रचने का आरोप लगाया। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के तहत सरकारी नौकरियों और शिक्षा के क्षेत्र में मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जरांगे ने कहा कि यह आंदोलन ‘‘निर्णायक चरण’’ में पहुंच गया है और समुदाय के सदस्य कानून के भीतर रहकर और अहिंसक तरीके से अपने अधिकार के लिए लड़ेंगे। 

(रिपोर्ट- ज़ैद मेमन)