महाराष्ट्र में सभी 29 महानगरपालिका के चुनाव संपन्न हो गए हैं। हालांकि सभी की निगाहें देश की सबसे अमीर नगर पालिका बीएमसी पर टिकी हुई है। बीएमसी में अभी भी मेयर नहीं चुना जा सका है। ऐसे में अब मेयर का चुनाव होने से पहले ही मुंबई में होटल पॉलिटिक्स शुरू हो गई है। दरअसल, यहां मेयर चुने जाने के लिए 114 का जादुई आंकड़ा पार करना जरूरी है। हालांकि बीजेपी को यहां 89 वार्डों में जीत हासिल हुई है। वहीं शिवसेना (UBT) 65 वार्डों में जीती है। इसके अलावा शिवसेना (शिंदे) 29 वार्डों में, कांग्रेस 24 वार्डों में, AIMIM 8 वार्डों में, MNS 6 वार्डों में और NCP 3 वार्डों में जीती है। ऐसे में BJP को मेयर पद के लिए शिवसेना का सहयोग जरूरी है।
शिवसेना के नगर सेवकों को होटल जाने के आदेश
एक तरफ जहां चुनाव के दौरान बीजेपी और शिवसेना ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा तो वहीं अब मेयर चुने जाने से पहले शिवसेना एक्शन मोड में आ गई है। मेयर चुनने के लिए बीजेपी के पास भी बहुमत का आंकड़ा नहीं है। ऐसे में मेयर चुनाव से पहले शिवसेना के सभी नगरसेवकों को दोपहर 3 बजे बांद्रा स्थित ताज लैंड्स एंड होटल पहुंचने के आदेश दिए गए हैं। एकनाथ शिंदे की शिवसेना के सभी निर्वाचित नगरसेवकों को बांद्रा के ताज लैंड्स एंड होटल में ले जाया जाएगा। शिवसेना ऐसा इसलिए कर रही है कि उसके नगर सेवकों को खरीदा या तोड़ा न जा सके।
कैबिनेट मीटिंग में नहीं गए दोनों डिप्टी सीएम
वहीं दूसरी तरफ महाराष्ट्र सरकार की कैबिनेट बैठक में आज दोनों उपमुख्यमंत्री नहीं पहुंचे, जिसके बाद सियासी चर्चाएं और तेज हो गई हैं। चुनाव से पहले ही अजित पवार ने अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया था। वहीं अब आज कैबिनेट बैठक से पहले शिवसेना की ओर से कहा गया है कि एकनाथ शिंदे बीमार चल रहे हैं, जिस वजह से वह कैबिनेट मीटिंग में नहीं पहुंच पाए। एक तरफ एकनाथ शिंदे मुंबई में हैं तो अजित पवार भी पुणे में होकर भी कैबिनेट बैठक में नहीं पहुंचे। माना जा रहा है कि कल के चुनाव नतीजों में उम्मीद के मुताबिक परिणाम नहीं मिलने से, दोनों डिप्टी सीएम निराश हैं।
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