कल्याण डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) में बड़ा खेला सामने आया है। यहां मेयर के चुनाव से पहले एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के साथ अपनी पुरानी दुश्मनी को भुलाकर गठबंधन किया है। दोनों के ऐसा करने से बीजेपी के अपना मेयर बनाने की कोशिश को तगड़ा झटका लगा है।
शिवसेना का "पावर गेम"
कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) में शिवसेना (शिंदे) ने 53 पार्षदों का ग्रुप बनाया है और विश्वनाथ राणे को इस ग्रुप का लीडर बनाया गया है। शिवसेना को MNS, NCP (शरद पवार ग्रुप) और कांग्रेस का सपोर्ट मिला है।
शिवसेना-53, MNS-5, NCP शरद पवार ग्रुप- 1 वहीं, सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के 2 कॉर्पोरेटर्स ने बाहर से सपोर्ट दिया है। MNS, कांग्रेस, शरद पवार ग्रुप के सपोर्ट से शिवसेना की ताकत बढ़कर 61 हो गई है।
कल्याण-डोंबिवली का अंकगणित
122 सदस्यों वाले कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) के चुनावों में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 50 सीटें जीतीं, जिसे एकनाथ शिंदे का गढ़ माना जाता है। शिंदे सेना को 53 सीटें मिलीं, जबकि MNS ने पांच सीटें जीतीं। उद्धव ठाकरे के शिवसेना गुट ने 11 सीटें जीतीं। KDMC पर शासन करने के लिए किसी पार्टी या गठबंधन को 62 सीटों की जरूरत होती है। शिवसेना और बीजेपी महाराष्ट्र में सत्ताधारी महायुति का हिस्सा हैं, लेकिन दोनों पार्टियों ने कल्याण-डोंबिवली में मेयर का पद हासिल करने के लिए एक-दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
एक तरफ बीजेपी और शिंदे शिवसेना साथ में चुनाव लड़े (गठबंधन में) दूसरी तरफ शिवसेना यूबीटी और MNS साथ में चुनाव लड़े लेकिन अब चुनाव के बाद-
- शिंदे शिवसेना- 53
- MNS- 5
- यूबीटी बागी- 2 बीजेपी- 50
- कांग्रेस- 2
- NCP एसपी- 1
- शिवसेना UBT 11 थे, 2 ने बगावत की अब 9
बुधवार को कोंकण भवन में एक उच्च-स्तरीय बैठक के बाद शिवसेना सांसद और एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत ने राज ठाकरे की पार्टी के साथ गठबंधन की पुष्टि की। हालांकि श्रीकांत शिंदे ने कहा है कि चुनाव बीजेपी के साथ लड़े थे इसलिए बीजेपी, शिवसेना, MNS मिलकर मेयर बनायेंगे और सत्ता में सहभागी रहेंगे।
(रिपोर्ट- सुनील शर्मा)
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