मुंबई में आगामी बीएमसी चुनाव से पहले बीजेपी ने एक नया राजनीतिक अभियान शुरू किया है, जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। पार्टी ने घर-घर “मिठाई और नमकीन के पैकेट” बांटने का अभियान शुरू किया है। ये वितरण तुलसी विवाह तक जारी रहने की योजना बताई जा रही है।इन पैकेट्स पर बीजेपी का स्लोगन “एक हैं तो सेफ है” प्रमुखता से लिखा गया है, जबकि इसके साथ एक और नारा “बटेंगे तो कटेंगे” भी छपा हुआ है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह संदेश मतदाताओं को एकता और ध्रुवीकरण की दिशा में संकेत देता है।
विपक्ष ने जताई कड़ी आपत्ति
हालांकि, विपक्ष ने इस कदम को चुनावी शगुफा बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गट) ने चुनाव आयोग से शिकायत दर्ज करने की बात कही है कि बीजेपी बीएमसी चुनाव से पहले मतदाताओं को प्रभावित करने और भड़काने की कोशिश कर रही है। यूबीटी नेताओं का आरोप है कि इस तरह के नारे और मिठाई वितरण अभियान के जरिए बीजेपी “वोट पोलराइजेशन” की रणनीति अपना रही है। उनका कहना है कि यह अभियान केवल मिठाई बांटने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए लोगों के मन में धार्मिक और राजनीतिक भावनाएं भड़काने की कोशिश की जा रही है।
कांग्रेस ने क्या कहा?
वही, कांग्रेस का कहना है की विकास नहीं कर पाए इसलिए लोगो को भड़काकर वोट लेने की बीजेपी कोशिश कर रही है पर अब की बार मुंबई की जनता बीजेपी को साथ नहीं देगी।
भाजपा ने क्या सफाई दी?
वहीं, इस मुद्दे पर बीजेपी नेताओं का कहना है कि यह कोई चुनावी प्रचार नहीं, बल्कि “सामाजिक जुड़ाव का कार्यक्रम” है, जिसे पार्टी कार्यकर्ता दिवाली और तुलसी विवाह जैसे अवसरों पर समाज से संवाद बढ़ाने के लिए चला रहे हैं। उनका दावा है कि इसमें किसी तरह की राजनीतिक नीयत नहीं है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि “एक हैं तो सेफ है” जैसे स्लोगन के जरिए बीजेपी मुंबई के विविध समाज में एकता और बहुसंख्यक वोटों के एकीकरण का संदेश देना चाहती है। यह अभियान बीएमसी चुनाव के पहले पार्टी की “ग्राउंड कनेक्ट स्ट्रैटेजी” का हिस्सा माना जा रहा है।
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