मुंबई: महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी यानी कि MVA की एकता में दरार साफ दिखाई दे रही है। मुंबई में होने वाले बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) और अन्य स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर कांग्रेस के नेताओं में मतभेद उभरकर सामने आए हैं। मुंबई कांग्रेस के कई नेता बीएमसी चुनाव अकेले लड़ने की वकालत कर रहे हैं, जबकि मुंबई कांग्रेस की अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि गठबंधन को लेकर अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान को करना है।
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भाई जगताप के बयान पर वर्षा ने दी सफाई
मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भाई जगताप ने कहा कि पार्टी के ज्यादातर कार्यकर्ता बीएमसी और स्थानीय निकाय चुनाव अकेले लड़ना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि महाविकास अघाड़ी का गठबंधन लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए बनाया गया था, लेकिन स्थानीय निकाय चुनावों में गठबंधन में उतरने से कांग्रेस को नुकसान होगा। हालांकि, मुंबई कांग्रेस की अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड़ ने भाई जगताप के बयान को निजी राय बताते हुए कहा, 'पीएसी की बैठक में कुछ सदस्यों ने बीएमसी चुनाव अकेले लड़ने की बात जरूर उठाई थी, लेकिन इस पर अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान को करना है।'
'हर नेता को अपनी बात रखने का अधिकार'
वर्षा ने आगे कहा, 'भाई जगताप ने जो कहा, वह उनकी निजी राय है। पार्टी की औपचारिक भूमिका ऊपरी नेतृत्व तय करेगा। हर नेता को अपनी बात रखने का अधिकार है, और हम इस मुद्दे पर हाईकमान से चर्चा करेंगे। मैं मुंबई प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर कह रही हूं कि पार्टी की जो भी औपचारिक भूमिका होगी, वह आपको स्पष्ट रूप से बता दी जाएगी। भाई जगताप का बयान उनकी निजी राय है, और इस पर अंतिम फैसला वरिष्ठ नेता ही लेंगे।'
महाराष्ट्र प्रभारी की बैठक में भी उठा मुद्दा
हाल ही में महाराष्ट्र कांग्रेस प्रभारी रमेश चेन्निथला की अध्यक्षता में हुई पीएसी की बैठक में भी कई नेताओं ने बीएमसी चुनाव अकेले लड़ने की मांग रखी थी। सूत्रों के मुताबिक, नेताओं ने गठबंधन के बजाय स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का पक्ष रखा, क्योंकि उनका मानना है कि गठबंधन में शामिल होने से कांग्रेस की स्थिति कमजोर हो सकती है।
उद्धव-राज की नजदीकियां बनीं वजह?
कांग्रेस नेताओं के इस रुख के पीछे शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के नेता राज ठाकरे की बढ़ती नजदीकियों को प्रमुख वजह माना जा रहा है। माना जा रहा है कि उद्धव ठाकरे BMC चुनाव में राज ठाकरे के साथ गठबंधन कर सकते हैं। कांग्रेस नेताओं को डर है कि अगर गठबंधन में राज ठाकरे की पार्टी शामिल होती है, तो मुंबई के अलावा महाराष्ट्र के अन्य इलाकों में मुस्लिम और गैर-मराठी वोटर कांग्रेस से दूर हो सकते हैं।