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महाराष्ट्र सड़क हादसे में जिंदा जल गए 26 लोग, जानें क्या है हाईवे हिप्नोसिस?

लोकार्पण से लेकर अप्रैल 2023 तक इस महामार्ग पर कुल 358 दुर्घटनाएं हुई हैं। इन दुर्घटनाओं में कुल 39 लोगों की मौत हुई थी, जिसमें से 9 लोगों की मौत की वजह हाईवे हिप्नोसिस बताया जा रहा है।

maharashtra road accident 26 people burnt alive know what is highway hypnosis- India TV Hindi Image Source : PTI क्या होता है हाईवे हिप्नोसिस?

महाराष्ट्र में बने नए समृद्धि महामार्ग पर होने वाली दुर्घटना का सबसे बड़ा कारण हाईवे हिप्नोसिस या ड्राइविंग के दौरान नींद आना बताया जा रहा है। बीती रात महाराष्ट्र के बुलढाना से गुजरने वाले समृद्धि महामार्ग पर एक बस दुर्घटना ग्रस्त हो गई जिसके बाद बस में आग लगी और 26 लोगों की मौत हो गई। महाराष्ट्र हाईवे पुलिस के डेटा के मुताबिक इस महामार्ग का लोकार्पण 11 दिसंबर 2022 को किया गया था। लोकार्पण से लेकर अप्रैल 2023 तक इस महामार्ग पर कुल 358 दुर्घटनाएं हुई हैं। इन दुर्घटनाओं में कुल 39 लोगों की मौत हुई थी, जिसमें से 9 लोगों की मौत की वजह हाईवे हिप्नोसिस बताया जा रहा है। 

स्टेट हाईवे पुलिस ने कहा है कि वे इस समस्या को समय रहते ठीक करने के प्रक्रिया में हैं। इसके किए महामार्ग कर फ्लैग और रिफ्लेक्टर लगाए जा रहे हैं। डेटा के अनुसार, सम्रुद्धि महामार्ग पर हुए कुल 358 दुर्घटनाओं में, 143 लोगों को गंभीर चोटें आई और 236 लोगों को हल्की चोटें आई हैं। हाईवे हिप्नोसिस के अलावा, ओवरस्पीडिंग और टायर फटना भी सम्रुद्धि महामार्ग पर होने वाली दुर्घटनाओं के अन्य दो मुख्य कारण हैं। ओवरस्पीडिंग की वजह से ज्यादा लोगों की मौतें हुई हैं। डेटा के मुताबिक 11 लोगों की मौत ओवरस्पीडिंग की वजह से हुई है। पुलिस ने इन पांच महीनों में 68 ओवरस्पीडिंग के मामले दर्ज किए हैं, जिसमें 72 लोगों को चोट लगी हैं। वहीं इनमें से 19 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। वहीं इस समृद्धि महामार्ग पर 55 दुर्घटनाएं टायर फटने की वजह से हुईं हैं जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई है। 

क्या है हाईवे हिप्नोसिस ?

एक अधिकारी ने बताया की यह एक दिमागी प्रकृति है। ड्राइवर जब लंबे समय तक विराम नहीं करता और लगातार ड्राइविंग करता है तो उसे ऐसा महसूस होता है। यह तब होता है जब वाहन चालक घंटों तक बिना ब्रेक के लगातार ड्राइव कर रहे होते हैं। ड्राइवर्स खासकर खाली हाईवे पर हाईवे हिप्नोसिस का अनुभव करते हैं और यह एहसास जैसा होता है कि खुली आंखों से सोते हुए और आसानी से बाहरी दुनिया से अलग हो जाते हैं। नागपुर से शिरडी तक जुड़े हुए नए 520 किलोमीटर लंबे समृद्धि एक्सप्रेसवे पर कई वाहनचालकों ने हाईवे हिप्नोसिस का अनुभव किया है। हाईवे नया होने के कारण रोडसाइड पर कोई होर्डिंग या बिलबोर्ड नहीं हैं और न ही होटल/ढाबे हैं, जो ड्राइवर के मन को डिस्ट्रैक्ट करें। इस कारण कभी-कभी दुर्घटनाएं देखने को मिलती हैं।