A
  1. Hindi News
  2. महाराष्ट्र
  3. MNS कार्यकर्ताओं ने गुजराती में लिखा ‘साइन बोर्ड’ तोड़ा, मराठी में लिखने की कर रहे मांग

MNS कार्यकर्ताओं ने गुजराती में लिखा ‘साइन बोर्ड’ तोड़ा, मराठी में लिखने की कर रहे मांग

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में मराठी बनाम गुजराती का मुद्दा एक बार फिर सिर उठाता दिख रहा है। मनसे कार्यकर्ताओं ने घाटकोपर ईस्ट इलाके में एक गुजराती साइनबोर्ड को तोड़ दिया।

MNS Workers, MNS Workers Signboard, Raj Thackeray- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV MNS कार्यकर्ताओं ने गुजराती में लिखे साइनबोर्ड को तोड़ दिया।

मुंबई: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में मराठी ‘साइन बोर्ड’ का मुद्दा जोर पकड़ता जा रहा है। राज ठाकरे की अगुवाई वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के कुछ कार्यकर्ताओं ने सोमवार की देर रात घाटकोपर ईस्ट इलाके में एक रोड के गुजराती में लिखे साइन बोर्ड को तोड़ दिया। बता दें कि MNS के कार्यकर्ता अक्सर मराठी में साइन बोर्ड लिखे जाने की वकालत करते हैं और यह मुद्दा उठाते रहते हैं। MNS सुप्रीमो राज ठाकरे भी लगातार कहते रहे हैं कि मुंबई के साथ-साथ पूरे महाराष्ट्र में साइन बोर्ड मराठी में होने चाहिए।

‘टोल कलेक्शन सबसे बड़ा घोटाला है’
MNS अब गुजराती बनाम मराठी साइन बोर्ड के मुद्दे पर आक्रामक हो गई है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने बीते 25 सितंबर को 2 महीनों को अंदर सभी दुकानों और प्रतिष्ठानों पर मराठी साइन बोर्ड लगाने का आदेश दिया था। इस बीच MNS सुप्रीमो राज ठाकरे ने सोमवार को राज्य सरकार को चेतावनी दी कि अगर छोटी गाड़ियों को टोल फी अदा करने में छूट दिलाने से उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को रोका जाता है तो वे राज्य के टोल बूथों को आग के हवाले कर देंगे। ठाकरे ने आरोप लगाया है कि महाराष्ट्र में टोल कलेक्शन राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला है।


‘...तो हम टोल बूथ में आग लगा देंगे’
राज ठाकरे ने कहा, ‘मैंने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से अगले कुछ दिन में मुलाकात के लिए समय मांगा है। देखते हैं कि बैठक में क्या नतीजा निकलता है, वर्ना उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बयान को ध्यान में रखते हुए MNS के लोग हर टोल बूथ पर जमा होंगे और सुनिश्चित करेंगे कि चारपहिया, तिपहिया एवं दुपहिया वाहनों को टोल फीस न देनी पड़े। अगर हमें रोका गया तो हम उस टोल बूथ में आग लगा देंगे।’ फडणवीस ने रविवार को कहा था कि छोटी गाड़ियों को टोल फीस अदा करने से छूट है।