मुंबई: राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की मुंबई यूनिट ने न्हावा शेवा बंदरगाह पर तस्करी के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। DRI ने भारी मात्रा में तस्करी कर लाए गए तरबूज के बीज और हरी मटर से भरे 132 कंटेनरों को जब्त किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन सामानों की कीमत लगभग 139 करोड़ रुपये आंकी गई है।
'तूर दाल' के नाम पर हो रही थी तस्करी
DRI को खुफिया जानकारी मिली थी कि कुछ आयातक प्रतिबंधित सामानों की तस्करी कर रहे हैं। इस सूचना के आधार पर अधिकारियों ने 132 कंटेनरों को रोका, जिनमें लगभग 3,029 मीट्रिक टन माल था। कागजों में इस माल को 'तूर दाल' घोषित किया गया था, लेकिन जब कंटेनरों की गहन जांच की गई, तो सच्चाई कुछ और ही निकली।
Image Source : Reporter Inputहरी मटर
जांच में क्या मिला?
- तंजानिया और सूडान से लाए गए 2,710 मीट्रिक टन तरबूज के बीज।
- कनाडा से तस्करी कर लाई गई 319 मीट्रिक टन हरी मटर।
इन वस्तुओं के आयात पर सख्त प्रतिबंध
भारत सरकार ने घरेलू किसानों को कम कीमत वाले आयात से बचाने के लिए इन वस्तुओं पर सख्त आयात प्रतिबंध लगाए हैं। तरबूज के बीजों का आयात जून 2024 के बाद प्रतिबंधित कर दिया गया है (DGFT अधिसूचना संख्या 05/2023)। वहीं, हरी मटर का आयात डीजीएफटी अधिसूचना संख्या 37/2015-20 दिनांक 18.12.2019 के तहत प्रतिबंधित है, जिसमें न्यूनतम आयात मूल्य (₹200/किलो सीआईएफ) लागू है और आयात केवल कोलकाता बंदरगाह के माध्यम से ही सीमित है।
Image Source : Reporter Inputतरबूज के बीज
मुख्य आरोपी गिरफ्तार
इस संगठित तस्करी के पीछे के मुख्य मास्टरमाइंड और आयात करने वाली फर्म के प्रोपराइटर को डीआरआई ने 19 अप्रैल को गिरफ्तार कर लिया। DRI का कहना है कि वह देश के आर्थिक हितों की रक्षा करने और घरेलू उत्पादकों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
ये भी पढ़ें-
छत्तीसगढ़ के जशपुर में चार्टर्ड प्लेन क्रैश के नहीं मिले कोई साक्ष्य, ड्रोन कैमरे से हो रही निगरानी
खुशखबरी: 3 महीने के लिए रेलवे चलाएगा 18,262 स्पेशल ट्रेनें, वेटिंग लिस्ट से मिलेगा छुटकारा