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Hindi News महाराष्ट्र मुम्बई: परेल का लालबाग मार्केट को अगले 5 दिनों के लिए बंद, 48 घंटे में सामने आए कोरोना के 7 मामले

मुम्बई: परेल का लालबाग मार्केट को अगले 5 दिनों के लिए बंद, 48 घंटे में सामने आए कोरोना के 7 मामले

मुंबई में कोरोना का संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिसके चलते अनलॉक की प्रक्रिया भी बाधित होती दिख रही है।

<p>parel lalbaug market</p>- India TV Hindi Image Source : AP parel lalbaug market

मुंबई में कोरोना का संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिसके चलते अनलॉक की प्रक्रिया भी बाधित होती दिख रही है। ताजा मामला कोरोना संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित मुंबई के परेल से सामने आया है। यहां पर पिछले 48 घंटों में 7 कोरोना के मामले सामने आए हैं। जिसके बाद परेल के लालबाग मार्केट को अगले 5 दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। बता दें कि इस पूरे मार्केट इलाके में अप्रैल से अब तक 50 कोरोना मामले सामने आ चुके है। 

बता दें कि लालबाग मार्केट शहर के साबसे पुराने मार्केट में से एक है। यह मार्केट ग्रोसरी, नमकीन, मिठाई और मसाले के लिए पूरे मुम्बई में मशहूर है। इसी लालबाग़ मार्केट के तहत आनेवाले चिवड़ा गली में ही लालबाग़ के राजा गणपति की मूर्ति स्थापित होती है। इस चिवड़ा गली की दुकानों को भी बंद रखा गया है। परेल के लालबाग़ इलाके में कोरोना के मामलों में यह तेज़ी 15 जून से दुकानें खुलने के बाद सामने आई। इसलिए एहतियातन बीएमसी ने मार्केट को 5 दिन तक बंद करने का फैसला लिया।

मुंबई के मलाड से गायब हुए 70 कोरोना पेशेंट

एक तरफ जहां कोरोना वायरस मुंबई से निकलकर आसपास के इलाकों में फैल रहा है। वहीं मुंबई शहर प्रशासन के लिए एक नई परेशानी सामने आ रही है। मुंबई से कोरोना के मरीज गायब हो रहे हैं। कुल 70 कोरोना पॉजिटिव गायब हैं। इनके पते ठिकाने और फोन नंबर फर्जी पाए गए हैं। एक और हैरान करने वाली बात यह है कि जो मरीज गायब हैं, जब उनके मोबाइल पर फोन किया गया तो पता लगा कि जो नंबर इन लोगों ने दिए थे वो किसी  हेल्थ ऑफिसर का है तो कोई नंबर पुलिस वाले का है। बृहन्‍नमुंबई म्‍युनिसिपल कार्पोरेशन (बीएमसी) इन्हें खोजने में नाकाम रही है और अब पुलिस से मदद मांगी गई है। डिप्टी चीफ मिनिस्टर अजीर पवार ने कहा है कि कोशिश कर रहे हैं। कोरोना के मरीजों को जल्दी  ट्रेस कर लेंगे। वहीं शहर के मंत्री असलम शेख का कहना है कि कुछ लोगों से संपर्क नही हो पा रहा है ये बात सही है लेकिन वो भागे नहीं हैं, हो सकता है उनमें से कुछ प्रवासी मजदूर हों या कुछ और वजह हो।