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त्र्यंबकेश्वर मंदिर में मुस्लिम सुमदाय ने की चादर चढ़ाने की कोशिश, हिंदू संगठनों ने किया शुद्धिकरण

इस सारे बवाल के बीच सकल हिंदू संगठन ने विरोध प्रदर्शन करते हुए पूरे मंदिर के मुख्य द्वार से लेकर मुख्य मंदिर की शुद्धिकरण किया है।

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Image Source : FILE त्र्यंबकेश्वर मंदिर

नासिक: महाराष्ट्र के नासिक में स्थित त्र्यंबकेश्वर मंदिर में कथित तौर पर मुस्लिम समुदाय के लोगों के एक समूह ने मूर्ति पर चादर चढ़ाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षा कर्मी ने समूह को ऐसा करने से रोक दिया। उधर, इस पूरे मामले की जांच के लिए उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एसआईटी के गठन का आदेश दिया है। ऐसे में इसके बाद आज हिंदू संगठनों की तरफ से मंदिर का शुद्धिकरण किया गया और मंदिर पर नया बोर्ड भी लगाया गया।

13 तारीख की शाम का है मामला 

FIR के मुताबिक 13 तारीख की शाम को नासिक के त्रंबकेश्वर मंदिर में कुछ गैर हिंदू लोगो ने मंदिर मे घुसने की कोशिश की। मंदिर ट्रस्ट की और से एक शिकायत पत्र  त्रंबकेश्वर पुलिस स्टेशन मे भेजी। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने एक स्पेशल एसआईटी बनाकर जांच के आदेश भी दिये है। इस घटना के 5 मोबाइल वीडियो सामने आए हैं, जिसमे सिर पर चादर लिए कुछ लोग मंदिर के गेट से घुसने की कोशिश कर रहे हैं।

नासिक रेंज के आईजी ने किया मंदिर का मुआयना 

वहीं नासिक रेंज के आईजी शेखर पाटील ने मंदिर परिसर में आकर ट्रस्ट के सीसीटीवी फुटेज देखकर आगे की कार्रवाई के संकेत दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने मंदिर की सुरक्षा जांच भी की और संदल आयोजक से भी मुलाकात की है। वहीं संदल जुलूस के आयोजक मतीन सय्यद का दावा है कि वो लोभान दिखाने हर साल आते है। वहीं दूसरी ओर संदल के आजा को मे से एक मतीन सय्यद जो है उन्होंने कहा कि त्रंबकेश्वर मंदिर जब से बना तब से है तबसे हम लोग संदल निकालते हैं और मंदिर के सामने से गुजरते हैं तो हम मंदिर के उत्तर दरवाजा की सीढ़ी से लोभान भगवान को दिखाते हैं और आगे निकल जाते हैं।

गोदावरी नदी के जल से किया गया शुद्धिकरण 

वहीं दूसरी ओर मंदिर के ट्रस्टी भूषण अदासरे ने कहा कि यहां साल में उनके द्वारा दो तीन जुलूस निकाले जाते हैं। इस जुलुस में अनेक हिंदू बांधव भी में शामिल होते हैं लेकिन मंदिर में इन लोगों के आने की कोई भी उल्लेख नहीं है। इस सारे बवाल के बीच सकल हिंदू संगठन ने विरोध प्रदर्शन करते हुए पूरे मंदिर के मुख्य द्वार से लेकर मुख्य मंदिर की शुद्धिकरण किया है। उन्होंने गोदावरी नदी से लाए जल से शुद्धिकरण किया, जिसके बाद मंदिर के अंदर महाआरती भी की गई।