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Hindi News महाराष्ट्र शरद पवार की पार्टी को मिला चुनाव चिह्न, 'एनसीपी शरदचंद्र पवार' के नाम से जानी जाएगी पार्टी

शरद पवार की पार्टी को मिला चुनाव चिह्न, 'एनसीपी शरदचंद्र पवार' के नाम से जानी जाएगी पार्टी

महाराष्ट्र की राजनीति में लगातार उठा-पटक देखने को मिल रहा है। कभी कोई कांग्रेस का साथ छोड़ रहा है, तो कभी एनसीपी की कमान अजित पवार को मिल जा रही है। हालांकि इस बीच शरद पवार की पार्टी को नया चुनाव चिह्न मिल चुका है। आप भी जरूर देखिए।

Sharad Pawar party gets election symbol party will be known as NCP Sharadchandra Pawar- India TV Hindi Image Source : PTI शरद पवार की पार्टी को मिला चुनाह चिह्न

महाराष्ट्र की राजनीति में लगातार उठापटक देखने को मिल रहा है। खासकर शरद पवार और अजित पवार के बीच में। दरअसल बीते दिनों महाराष्ट्र विधानसभा और चुनाव आयोग ने एनसीपी का असली दावेदार अजित पवार को माना था। इसके बाद से अजित पवार वर्सेज शरद पवार और सुप्रिया सुले के बीच जुबानी जंग तेज हो गई थी। इस बीच अब शरद पवार के समर्थकों के लिए खुशखबरी आई है। दरअसल शरद पवार की पार्टी को अब नया चुनाव चिह्न मिल चुका है। दरअसल इस पार्टी का नाम 'राष्ट्रवादी कांग्रेस पक्ष शरदचंद्र पवार' यानि एनसीपी शरदचंद्र पवार होगा और चुनाव चिह्न तुरही बजाते हुए आदमी है। 

शरद पवार की पार्टी ने किया ये ट्वीट

पार्टी का चुनाव चिह्न मिलने के साथ ही एनसीपी शरदचंद्र पवार के सोशल मीडिया हैंडल पर जानकारी साझा की गई। एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए पार्टी ने लिखा, 'मुझे एक तुरही दो, मैं अपनी आत्मा से फूंक मारूंगा। महाराष्ट्र के इतिहास में दिल्ली की गद्दी के कान खड़े करने वाले छत्रपति शिवराय का शौर्य आज राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद चंद्र पवार के लिए गौरव का विषय है। छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रगतिशील विचारों के साथ महाराष्ट्र के आदर्श फुले, शाहू, आम्बेडकर, आदरणीय श्रीमार तुतारी, शरद चंद्र पवार साहब के साथ दिल्ली का सिंहासन हिलाने के लिए एक बार फिर बिगुल बजाने को तैयार हैं।'

अजित पवार और शरद पवार के बीच कोल्ड वॉर

बता दें कि इससे पूर्व एनसीपी की कमान शरद पवार के भतीजे अजित पवार को दे दी गई थी। इसके बाद से शरद पवार गुट की तरफ से बार-बार एनसीपी को चोरी करने का आरोप अजित पवार पर लगाया जा रहा था। इसके जवाब में बीते दिनों अजित पवार ने बारामती पार्टी जनसम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था कि अब मुझे उनसे अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। मुझे जो सही लगेगा वो मैं कर सकता हूं। अजित पवार ने कहा कि मैं उनका सगा बेटा नहीं हूं, मैं उनके भाई का बेटा हूं इसलिए पार्टी का अध्यक्ष मुझे नहीं बनाया गया था। चुनाव आयोग और महाराष्ट्र विधानसभा ने इस पार्टी का हकदार मुझे माना था। ऐसे में पार्टी को चोरी करने का आरोप कितना सही है।