A
Hindi News मिजोरम मिजोरम छोड़कर चले गए मेइती समुदाय के 600 से ज्यादा लोग, सता रहा था हमलों का डर

मिजोरम छोड़कर चले गए मेइती समुदाय के 600 से ज्यादा लोग, सता रहा था हमलों का डर

मिजोरम में रह रहा मेइती समुदाय हाल के घटनाक्रमों से काफी डरा हुआ है और अपने गृह राज्य की तरफ पलायन कर रहा है।

Meitei, Meitei Manipur, Meitei Mizoram, Meitei Community, Meitei Community Fear- India TV Hindi Image Source : PTI FILE मिजोरम की प्रमुख नागरिक संस्थाओं के समूह ने हाल ही में एक विरोध रैली की थी।

आइजोल: मणिपुर में भीड़ द्वारा 2 आदिवासी महिलाओं को निर्वस्त्र कर उन्हें घुमाए जाने का वीडिया सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मिजोरम में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। पुलिस के एक सीनियर अफसर ने बताया कि हाल के घटनाक्रमों के बाद खुद को निशाना बनाए जाने के डर से मेइती समुदाय के 600 से ज्यादा लोग मिजोरम छोड़कर चले गए हैं। अपराध जांच विभाग के पुलिस अधीक्षक (विशेष जांच) वनलालफाका राल्ते ने आइजोल में कहा कि इस वीडियो के सामने आने के बाद एक पूर्व उग्रवादी संगठन ने परामर्श जारी किया है, ऐसे में मेइती लोग हमले का शिकार बनाए जाने के डर से मिजोरम से चले गये।

‘मेइती समुदाय का मिजोरम से जाना जारी’
वनलालफाका राल्ते ने कहा कि नागरिक संस्थाओं द्वारा मंगलवार को एकजुटता मार्च निकाले जाने के कारण भी मेइती लोगों में ‘असुरक्षा’ की भावना है। राल्ते के मुताबिक, मंगलवार तक मेइति समुदाय के 600 से ज्यादा लोग मिजोरम को छोड़कर अपने गृह राज्य जा चुके हैं। हालांकि उन्होंने साथ में यह भी कहा कि बुधवार से मेइती लोगों के जाने की कोई खबर नहीं है। वहीं, मेइती संगठन के एक नेता ने हालांकि दावा किया कि गुरुवार तक मेइती लोगों का मिजोरम से जाना जारी था। ‘ऑल मिजोरम मणिपुरी एसोसिएशन’ के उपाध्यक्ष रामबीर ने कहा कि राज्य की प्रमुख नागरिक संस्थाओं के समूह द्वारा हाल ही में की गई विरोध रैली के कारण मेइती लोगों का मिजोरम छोड़ना जारी है।

‘मिजोरम में रहते हैं 3 हजार से ज्यादा मेइती’
रामबीर ने कहा कि मेइती समुदाय के लोग मिजोरम में खुद को ‘असुरक्षित’ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मिजोरम में 3000 से अधिक मेइती रहते हैं जिनमें अधिकतर अध्यापक, विद्यार्थी और मजदूर हैं। सेंट्रल यंग मिजो एसोसिएशन समेत पांच बड़ी नागरिक संस्थाओं के गठबंधन, एनजीओ कोर्डिनेशन कमिटी ने मणिपुर के कुकी-जो जातीय समुदाय के साथ एकजुटता प्रदर्शित करते हुए मिजोरम के विभिन्न हिस्सों में विरोध रैली निकाली थीं। मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरमथांगा, उपमुख्यमंत्री तानलुइया, मंत्रियों और विभिन्न दलों के विधायकों ने आइजोल में एक ऐसी ही रैली में हिस्सा लिया था। पुलिस ने कहा कि एकजुटता मार्च के बाद से किसी अप्रिय घटना की कोई खबर नहीं है। (भाषा)