देशभर में रेल पटरियों को पार करते समय होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक नई योजना के तहत निर्देश दिए हैं कि जहां-जहां लोग रोजाना पटरियां पार करते हैं, वहां सुविधाजनक और सुरक्षित पुलियाएं बनाई जाएं। खास बात यह है कि ये पुलियाएं सिर्फ 12 घंटे में तैयार हो सकेंगी, जिससे काम तेजी से पूरा किया जा सकेगा।
खतरनाक क्रॉसिंग पर लगेगी रोक
देश में कई ऐसे स्थान हैं, जहां लोगों को मजबूरी में रेलवे ट्रैक पार करना पड़ता है। जैसे गांवों में एक तरफ बस्ती और दूसरी तरफ खेत, स्कूल या श्मशान होने की स्थिति में लोग जोखिम उठाकर पटरियां पार करते हैं। नई योजना के तहत ऐसे सभी खतरनाक स्थानों की पहचान कर वहां पुलिया बनाई जाएगी, ताकि लोगों को सुरक्षित रास्ता मिल सके।
सिर्फ 12 घंटे में तैयार होगी पुलिया
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी तेज गति है। रेलवे ऐसी डिजाइन पर काम कर रहा है, जिससे पुलिया का निर्माण मात्र 12 घंटे में पूरा किया जा सके।इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ज्यादा से ज्यादा स्थानों पर कम समय में यह सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी।
हर वर्ग के लिए आसान होगा इस्तेमाल
पुलिया का डिजाइन ऐसा होगा कि आम लोग आसानी से इसका उपयोग कर सकें। इसमें साइकिल, मोटरसाइकिल और रोजमर्रा के काम से जुड़ी चीजों को ले जाने की सुविधा भी होगी। रेल मंत्री का कहना है कि यह पुलिया आम आदमी के लिए जीवनदायी ऑप्शन साबित होगी, क्योंकि इससे जानलेवा हादसों पर रोक लगेगी।
सुरक्षा और सुविधा दोनों पर फोकस
पुलिया बनाते समय यह भी ध्यान रखा जाएगा कि जलभराव जैसी समस्या से इसका इस्तेमाल प्रभावित न हो। डिजाइन को इस तरह तैयार किया जाएगा कि हर मौसम में लोग इसे आसानी से इस्तेमाल कर सकें। इसके साथ ही लोगों को पुलिया इस्तेमाल करने के लिए जागरूक भी किया जाएगा।
5-6 साल में बड़ा बदलाव लाने का लक्ष्य
सरकार का लक्ष्य है कि अगले 5 से 6 वर्षों में देशभर की खतरनाक रेलवे क्रॉसिंग को सुरक्षित बनाया जाए। यह योजना लंबे समय तक असर डालने वाली है और इससे लाखों लोगों की जान बचाई जा सकेगी।
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