ट्रेन में सफर करते समय अक्सर यात्री खाने-पीने की चीजें वेंडर से खरीदते हैं। लेकिन कई बार शिकायत आती है कि वेंडर तय कीमत से ज्यादा पैसे मांगते हैं। ऐसे में यात्रियों को समझ नहीं आता कि क्या करें और कहां शिकायत करें। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो अब घबराने की जरूरत नहीं है। भारतीय रेल और IRCTC ने यात्रियों के अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए स्पष्ट नियम बनाए हैं। इन नियमों की जानकारी होने पर आप न सिर्फ ओवरचार्जिंग से बच सकते हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर कार्रवाई भी करवा सकते हैं।
IRCTC के नियमों के अनुसार, ट्रेन में खाने-पीने की चीजें तय दरों पर ही बेची जाती हैं। कोई भी वेंडर आपसे मेन्यू में लिखी कीमत से ज्यादा पैसे नहीं मांग सकता। अगर कोई ऐसा करता है, तो यह नियमों का उल्लंघन है।
मेन्यू कार्ड दिखाना जरूरी
हर रजिस्टर्ड वेंडर के पास मेन्यू कार्ड होना अनिवार्य है। इसमें सभी खाने-पीने की चीजों की कीमत साफ लिखी होती है। अगर वेंडर मेन्यू दिखाने से मना करता है, तो यह भी नियमों के खिलाफ है।
बिल लेना है आपका अधिकार
ट्रेन में कुछ भी खरीदने पर बिल लेना जरूरी है। बिल में आइटम, कीमत और तारीख की जानकारी होती है। यह बिल बाद में शिकायत करने के लिए सबूत का काम करता है।
यात्री क्या करें?
- बिल जरूर मांगें- बिना बिल के पैसे न दें।
- मेन्यू से कीमत चेक करें- ज्यादा पैसे मांगे तो तुरंत सवाल करें।
- ओवरचार्जिंग हो तो शिकायत करें- देरी न करें।
शिकायत कैसे करें?
अगर वेंडर ज्यादा पैसे मांगता है, तो आप तुरंत 139 हेल्पलाइन पर कॉल या SMS कर शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा, ट्रेन में मौजूद TTE या RPF को जानकारी दें शिकायत करते समय PNR, कोच, सीट नंबर और समय जरूर बताएं, ताकि कार्रवाई जल्दी हो सके।
वेंडर पर क्या कार्रवाई होगी?
अगर जांच में वेंडर दोषी पाया जाता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है। वेंडर का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है और उसे ट्रेन से हटाया भी जा सकता है
रिफंड मिलेगा या नहीं?
अगर आपकी शिकायत सही पाई जाती है, तो आपको ज्यादा लिया गया पैसा वापस मिल सकता है। इसलिए हमेशा बिल लेना और शिकायत करना जरूरी है।
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