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Hindi News पैसा बाजार Paytm पेमेंट सर्विसेज को RBI की मंजूरी, अब नए मर्चेंट्स भी हो सकेंगे ऑनबोर्ड; डिजिटल पेमेंट में आएगा बूम

Paytm पेमेंट सर्विसेज को RBI की मंजूरी, अब नए मर्चेंट्स भी हो सकेंगे ऑनबोर्ड; डिजिटल पेमेंट में आएगा बूम

भारत के डिजिटल पेमेंट सेक्टर में एक बड़ा मोड़ आ गया है। पेटीएम पेमेंट सर्विसेज को आखिरकार भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से फुल ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर लाइसेंस मिल गया है। यह मंजूरी न सिर्फ पेटीएम के लिए बड़ी राहत है, बल्कि लाखों छोटे-बड़े बिजनेस के लिए भी नई उम्मीद लेकर आई है।

पेटीएम को ऑनलाइन...- India TV Paisa Image Source : PAYTM OFFICIAL WEBSITE पेटीएम को ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर लाइसेंस मिल

भारत की डिजिटल पेमेंट इंडस्ट्री के लिए बुधवार का दिन बेहद अहम रहा। कभी गैर-अनुपालन के चलते अटकी हुई पेटीएम पेमेंट सर्विसेज की फाइल आखिरकार आगे बढ़ गई है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने कंपनी को ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर के रूप में ऑफिशियल लाइसेंस दे दिया है। इस मंजूरी के साथ पेटीएम न सिर्फ नए व्यापारियों को ऑनबोर्ड कर सकेगी, बल्कि डिजिटल पेमेंट के पूरे इकोसिस्टम में अपनी पकड़ भी मजबूत करेगी।

2 साल की रुकावट के बाद मिली बड़ी राहत

One 97 Communications की सब्सिडियरी पेटीएम पेमेंट सर्विसेज को यह लाइसेंस 26 नवंबर को मिला। इससे पहले अगस्त 2024 में आरबीआई ने इसे इन-प्रिंसिपल अप्रूवल दिया था। लेकिन कहानी इतनी आसान नहीं थी, नवंबर 2022 में आरबीआई ने पेटीएम की फाइल FDI नियमों के उल्लंघन को देखते हुए वापस भेज दी थी। इसके बाद कंपनी ने वित्त मंत्रालय से क्लियरेंस लेकर अगस्त 2024 में सभी कमियां पूरी कीं। अब यह मंजूरी कंपनी के लिए एक बड़ा टर्निंग प्वाइंट मानी जा रही है।

अब पेटीएम से जुड़ पाएंगे नए व्यापारी

मंजूरी मिलने से पहले तक पेटीएम नए मर्चेंट्स को जोड़ नहीं पा रही थी और सिर्फ मौजूदा व्यापारियों की सर्विस संभाल रही थी। लेकिन अब नए मर्चेंट्स ऑनबोर्ड होंगे, पेमेंट प्रोसेसिंग बिजनेस तेजी से बढ़ेगा और डिजिटल पेमेंट मार्केट में पेटीएम की पोजिशन मजबूत होगी। आपको बता दें कि यह लाइसेंस उन कंपनियों के लिए जरूरी है जो ऑनलाइन पेमेंट कलेक्शन, पेमेंट प्रोसेसिंग और पेमेंट सेटलमेंट जैसी सेवाएं देती हैं।

पेटीएम का मुकाबला किनसे होगा?

वर्तमान में कई बड़े फिनटेक खिलाड़ी रेजरपे, कैशफ्री, पाइन लैब्स, पेयू पहले से ही तीनों तरह के पेमेंट एग्रीगेटर लाइसेंस (ऑनलाइन, ऑफलाइन, क्रॉस-बॉर्डर) हासिल कर चुके हैं। पेटीएम को अब सिर्फ ऑनलाइन भुगतान प्रोसेसिंग का औपचारिक लाइसेंस मिला है, लेकिन यह उसके कोर बिजनेस के लिए बेहद बड़ा कदम है।

वित्तीय प्रदर्शन भी हुआ बेहतर

कंपनी ने सितंबर 2025 की तिमाही में 21 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जबकि रेवेन्यू 24% बढ़कर 2061 करोड़ रुपये रहा। इस रिजल्ट ने पेटीएम की फाइनेंशियल स्थिति को भी अच्छे संदेश दिया है।

इस मंजूरी के बाद क्या बदल जाएगा?

  • ऑनलाइन पेमेंट मार्केट में पेटीएम की पकड़ मजबूत होगी
  • व्यापारियों के लिए पेमेंट सर्विस और आसान बनेगी
  • डिजिटल इंडिया मिशन को मिलेगी नई रफ्तार
  • पेटीएम का पेमेंट बिजनेस तेजी से एक्सपैंड कर सकेगा

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