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पंजाब में 'भारत बंद' का बड़ा असर, बसें सड़कों से नदारद, यात्री परेशान

भारत बंद के कारण पंजाब में जनजीवन प्रभावित है। बसें सड़कों पर से गायब हैं। पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के बंद के आह्वान का समर्थन कर रहे हैं।

पंजाब में कई बसें सड़कों से नदारद, यात्री परेशान- India TV Hindi Image Source : PTI पंजाब में कई बसें सड़कों से नदारद, यात्री परेशान

चंडीगढ़ः न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी समेत विभिन्न मांगों को स्वीकार करने के लिए सरकार पर दबाव बनाने को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के 'भारत बंद' के आह्वान के कारण पंजाब में शुक्रवार को कई बसें सड़कों से नदारद हैं, जिसके चलते यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के बंद के आह्वान का समर्थन कर रहे हैं। 

बसों का इंतजार कर रहे यात्री

 कई बस अड्डों पर यात्री अपने-अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए बसों का इंतजार करते दिखे। बसों की अनुपलब्धता के कारण मुख्य रूप से छात्रों और कार्यालय जाने वालों को असुविधा का सामना करना पड़ा। पटियाला बस स्टैंड पर कॉलेज छात्र ने कहा कि उसे लांडरां रोड जाने के लिए कोई बस नहीं मिली। एक सरकारी कर्मचारी ने कहा कि उसे काम के लिए मोहाली जाना था लेकिन कोई बस उपलब्ध नहीं है। जालंधर जाने के लिए अमृतसर बस स्टैंड पर खड़ी एक महिला यात्री ने कहा कि वह 30 मिनट से अधिक समय से बस का इंतजार कर रही है।

ये किसान संगठन भारत बंद में शामिल

किसान पंजाब में कई जगहों पर प्रदर्शन भी कर रहे हैं। एसकेएम ने सभी समान विचारधारा वाले समूहों से उसके बंद के आह्वान का समर्थन करने की अपील की है। कई कर्मचारी संगठनों और अन्य संगठनों ने बंद को समर्थन दिया है। भारती किसान यूनियन (राजेवाल), भारतीय किसान यूनियन (दकुंडा), भारतीय किसान यूनियन (लाखोवाल), भारतीय किसान यूनियन (कादियान) और कीर्ति किसान यूनियन समेत कई किसान संगठन बंद में हिस्सा ले रहे हैं।

बता दें कि किसान अपनी मांगों को लेकर दिल्ली आना चाहते हैं लेकिन उन्हें पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर रोका गया है। आंसू गैस के गोले छोड़ने से किसान संगठन सरकार से नाराज हैं। इसी को लेकर किसान सड़कों पर उतर गए हैं। 

इनपुट-भाषा